वर्ल्ड कप फाइनल से पहले मिकेल मेरिनो और लाउतारो मार्टिनेज ने साझा किया अपना दर्द, बेंच पर बैठना किसी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं
स्पेन के मिडफील्डर मिकेल मेरिनो ने स्वीकार किया है कि वर्ल्ड कप फाइनल से पहले वह और अर्जेंटीना के लाउतारो मार्टिनेज एक ही जैसी स्थिति में हैं। मेरिनो का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए बेंच पर मैच शुरू करना आदर्श स्थिति नहीं होती है। स्पेन और अर्जेंटीना की टीमें रविवार, 19 जुलाई को वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में आमने-सामने होंगी।
मैच से पहले ‘गैजेटा डेलो स्पोर्ट’ से बात करते हुए मेरिनो ने माना कि हो सकता है कि उन्हें और लाउतारो को शुरुआती एकादश में जगह न मिले। मेरिनो ने कहा, “किसी भी खिलाड़ी के लिए बेंच पर बैठकर मैच शुरू करना आदर्श गेम प्लान नहीं होता है।”
मेरिनो: वर्ल्ड कप फाइनल से पहले लाउतारो और मेरे बीच एक समानता है
मेरिनो ने आगे कहा, “हालांकि, लाउतारो और मैं दोनों ही टॉप खिलाड़ी हैं और हम इस स्थिति में इसलिए हैं क्योंकि हम अविश्वसनीय रूप से मजबूत राष्ट्रीय टीमों का हिस्सा हैं। हमें अपने साथियों के स्तर और प्रतियोगिता की भव्यता को समझना होगा।”
गौर करने वाली बात है कि लाउतारो मार्टिनेज ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरकर विजयी गोल दागा था। वहीं, मेरिनो ने भी राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल और क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ बेंच से आकर गोल किए और टीम को जीत दिलाई।
स्पेन ने इस वर्ल्ड कप में अब तक केवल एक गोल खाया है, जो अटलांटा और बेल्जियम के खिलाड़ी चार्ल्स डी केटेलेरे ने किया था। मेरिनो ने अपनी भूमिका पर कहा, “जब भी आपको मैदान पर उतरने का मौका मिले, तो टीम की मदद करना ही प्राथमिकता होती है। अगर आप नहीं खेल रहे हैं, तो ट्रेनिंग में भी मेहनत करना जरूरी है। यदि आप खिताब जीतते हैं, तो वह पूरी टीम का होता है, न कि केवल शुरुआती 11 खिलाड़ियों का।”
कल होने वाले फाइनल को लेकर मेरिनो ने कहा, “यह एक गहन मुकाबला होगा, जैसा कि एक फाइनल होना चाहिए। दो टीमें हमारे खेल के सबसे महत्वपूर्ण ट्रॉफी के लिए भिड़ रही हैं। इतना कुछ दांव पर लगा हो तो कड़ा मुकाबला होना स्वाभाविक है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैच में तीव्रता को नियंत्रित करना रेफरी का काम होगा। हम चाहते हैं कि गेंद तेजी से मूव करे और खेल में रुकावट न आए। अगर हम ऐसा करने में सफल रहते हैं, तो प्रतिद्वंद्वी टीम को फाउल करने का कम समय मिलेगा।”
आर्सनल के मिडफील्डर ने लियोनेल मेसी की तारीफ करते हुए कहा, “वह इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं। 39 साल की उम्र में वह इस वर्ल्ड कप में जो कर रहे हैं, वह काबिले तारीफ है। मुझे नहीं पता कि यह उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होगा या नहीं, क्योंकि क्रिस्टियानो रोनाल्डो की तरह ही ये खिलाड़ी भी अमर लगते हैं, जो इतने उच्च स्तर पर लगातार खेल रहे हैं। गत चैंपियन अर्जेंटीना का सामना करना हमारे लिए एक अतिरिक्त प्रोत्साहन है।”
स्पेन ने इटली के अजेय रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। वे सभी प्रतियोगिताओं में पिछले 37 मैचों से अपराजित हैं। यदि वे कल अर्जेंटीना को हरा देते हैं, तो वे अज़ुरी (इटली) द्वारा 2018 और 2021 के बीच बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ देंगे।
