किलियन एम्बाप्पे ने 2026 विश्व कप में जीता गोल्डन बूट, रचा इतिहास
किलियन एम्बाप्पे ने 2026 विश्व कप में रिकॉर्ड 10 गोल करके गोल्डन बूट का खिताब अपने नाम कर लिया है। वह इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने दो बार यह पुरस्कार जीता है।
रिकॉर्ड की बराबरी
एम्बाप्पे के 10 गोलों का आंकड़ा 1970 में गर्ड मुलर द्वारा बनाए गए एक टूर्नामेंट के रिकॉर्ड की बराबरी करता है। यह आंकड़ा 56 वर्षों तक सबसे अधिक गोल का रिकॉर्ड बना रहा। 1958 में फ्रांस के लिए जस्ट फोंटेन ने 13 गोल किए थे, जबकि 1954 में हंगरी के सैंडर कोक्सिस ने 11 गोल किए थे, जो इस टूर्नामेंट से पहले के रिकॉर्ड थे।
अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी आठ गोल के साथ दूसरे स्थान पर रहे। मेसी इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल और स्पेन के खिलाफ फाइनल में गोल करने में असफल रहे, जहां उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के जूड बेलिंगम और नॉर्वे के स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड सात-सात गोल के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे, जबकि रियल मैड्रिड के तुर्की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अर्दा गुलेर ने भी अपने देश के लिए एक गोल किया।
कैसे आए गोल
एम्बाप्पे ने सेनेगल के खिलाफ 3-1 की ग्रुप-स्टेज जीत में दो गोल के साथ अपना खाता खोला। इस दूसरे गोल के साथ ही वह ओलिवियर गिरौद को पछाड़कर फ्रांस के लिए सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने फिलाडेल्फिया में इराक के खिलाफ भी दो गोल किए और राउंड ऑफ 32 में स्वीडन के खिलाफ दो और गोल दागे। इन सभी तीन मुकाबलों में उन्होंने कठिन स्थितियों से गोल किए, जिनमें से कई का xG (गोल्डन गोल की उम्मीद) मान केवल 0.04 या 0.05 था।
राउंड ऑफ 16 में पराग्वे के खिलाफ पेनल्टी के जरिए उन्होंने 1-0 से जीत सुनिश्चित की, हालांकि क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के यासिन बोनौ ने उनकी स्पॉट-किक को रोक लिया था। एम्बाप्पे ने जवाब में 2-0 की जीत में एक और दूर से शानदार गोल किया। फ्रांस का टूर्नामेंट खराब रहा: उन्हें स्पेन से सेमीफाइनल में 2-0 की हार झेलनी पड़ी, जिसमें एम्बाप्पे का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। तीसरे स्थान के लिए हुए प्ले-ऑफ मैच में भी टीम को 6-4 से हार मिली, हालांकि एम्बाप्पे ने दूसरे हाफ में दो गोल करके स्कोर को कुछ सम्मानजनक बनाया।
मैड्रिड की गोल्डन बूट विरासत
एम्बाप्पे रियल मैड्रिड के खिलाड़ी के रूप में गोल्डन बूट जीतने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं, उनसे पहले 1998 में क्रोएशिया के लिए दावोर सुकर ने यह उपलब्धि हासिल की थी। रोनाल्डो नजारियो और जेम्स रोड्रिगेज ने भी क्रमशः 2002 और 2014 में यह पुरस्कार जीता था, लेकिन उस समय वे रियल मैड्रिड में शामिल नहीं थे। गोल्डन बॉल का पुरस्कार रोड्री को मिला, जिनके शानदार प्रदर्शन ने व्यक्तिगत पुरस्कारों पर चर्चा को नया मोड़ दिया।
एम्बाप्पे के लिए व्यक्तिगत रिकॉर्ड फ्रांस की फाइनल तक न पहुंच पाने की विफलता से छोटे हैं, लेकिन तीन टूर्नामेंटों में 10 गोल और दो गोल्डन बूट विश्व कप में उनके दबदबे को एक अलग श्रेणी में रखते हैं।
