फुटबॉलर की पत्नी होने की अनकही सच्चाई: हर पल अनिश्चितता और बार-बार घर बदलने का संघर्ष
पेशेवर फुटबॉल जगत में खिलाड़ी का जीवन जितना रोमांचक दिखता है, उसके पीछे उनके परिवारों को कई बड़े बलिदान देने पड़ते हैं। फुटबॉल खिलाड़ी ओवेन डेल की पार्टनर जेसिका ब्यूमोंट ने इस अनिश्चित जीवन और बार-बार घर बदलने की अपनी चुनौतियों को साझा किया है।
जेसिका बताती हैं, “ओवेन अस्पताल में मेरे साथ थे, उसी दौरान वे अपने मैनेजर और एजेंट से फोन पर बात कर रहे थे। उन्होंने मेरे बच्चे को जन्म देने का इंतजार किया और मेरे अस्पताल से बाहर आते ही ओवेन लोन पर दूसरे क्लब में चले गए।” यह लोन डील पोर्ट्समाउथ के साथ थी, जो उनके घर से 200 मील से अधिक दूर था। उस समय तक जेसिका ने उस शहर को कभी देखा भी नहीं था।
हैरानी की बात यह है कि दंपति ने हाल ही में अपना पहला घर खरीदा था, जिसमें वे सिर्फ एक रात ही रुक पाए। जेसिका कहती हैं, “साथ रहने के दौरान हमने पांच वर्षों में पांच बार घर बदला है। ट्रांसफर विंडो के दौरान आपको किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना पड़ता है।”
फुटबॉल में ट्रांसफर विंडो के दौरान क्लब खिलाड़ियों को खरीदने या बेचने का काम करते हैं। जेसिका की मुलाकात ओवेन से तब हुई थी जब वे क्रू एलेक्जेंड्रा के लिए खेल रहे थे। इसके बाद उन्हें ब्लैकपूल जाना पड़ा। उस समय जेसिका अपने बेटे जेवियर के साथ गर्भवती थीं और उन्हें यह तक नहीं पता था कि ओवेन वहां रुकेंगे या वापस क्रू लौट जाएंगे।
पोर्ट्समाउथ जाने के फैसले के बाद जेसिका को अहसास हुआ कि यह अनिश्चितता ही उनका जीवन है। उन्हें अपना लॉ का करियर बीच में ही छोड़ना पड़ा और वे ओवेन के साथ पोर्ट्समाउथ चली गईं। जेसिका बताती हैं, “ओवेन फोन पर ही मुझे फेसटाइम के जरिए घर दिखा रहे थे कि हम कहां रहेंगे। उस पल मुझे लगा कि मेरा अपने जीवन पर कोई नियंत्रण नहीं है।”
ओवेन, जो अब 27 वर्ष के हो चुके हैं, वर्तमान में ‘फ्री एजेंट’ हैं। वे बताते हैं कि उन्हें पता है कि उनका परिवार उनके करियर के लिए कितने बलिदान देता है। ओवेन कहते हैं, “जब तक अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, आप कहीं भी हो सकते हैं।”
जेसिका अब सोशल मीडिया पर काम करती हैं और घर से ही अपना काम संभालती हैं। वे मानती हैं कि फुटबॉलर्स की पत्नियों के बारे में लोगों की धारणा है कि उनका जीवन बहुत ग्लैमरस है, लेकिन वास्तविकता यह है कि उन्हें काफी त्याग करना पड़ता है। वे कहती हैं, “प्रीमियर लीग के खिलाड़ियों की तरह निचले लीग के खिलाड़ी भविष्य के लिए सुरक्षित नहीं होते। हमें हमेशा फुटबॉल के बाद के जीवन की तैयारी करनी पड़ती है।”
अपनी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद, जेसिका और ओवेन अपने बच्चों को सकारात्मकता के साथ ढाल रहे हैं। जेसिका का मानना है कि बार-बार घर बदलना बच्चों को यह सिखाता है कि वे किसी एक जगह से बंधे हुए नहीं हैं। जेसिका अन्य लोगों को सलाह देती हैं कि वे फुटबॉल से अलग अपनी एक अलग पहचान और रूटीन बनाए रखें, ताकि परिवार का संतुलन बना रहे।
वे अंत में कहती हैं, “कुछ रिश्तों में लोग ऊब जाते हैं, लेकिन फुटबॉल के जीवन में आप कभी बोर नहीं हो सकते!”
