नीदरलैंड्स ने जावी हर्नांडेज़ को अपना मुख्य कोच नियुक्त किया
नीदरलैंड्स ने बार्सिलोना के पूर्व खिलाड़ी और कोच जावी हर्नांडेज़ को अपनी पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया है। वह 2030 विश्व कप तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
46 वर्षीय हर्नांडेज़ रोनाल्ड कोमैन की जगह लेंगे, जो 2023 से ‘ओरांजे’ (डच टीम) के कोच थे। 2026 विश्व कप में नीदरलैंड्स के राउंड ऑफ 32 से बाहर होने के बाद कोमैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
एक आधिकारिक बयान में जावी हर्नांडेज़ ने कहा, “डच राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच बनना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। बार्सिलोना की अकादमी में प्रशिक्षण लेने के दौरान मुझ पर जोहान क्रूफ और रिनस मिहेल्स जैसे दिग्गजों का गहरा प्रभाव रहा है, जिसके कारण मैं डच फुटबॉल से एक विशेष जुड़ाव महसूस करता हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “आप कह सकते हैं कि मैं आंशिक रूप से डच फुटबॉल का ही एक बेटा हूं। लुई वैन गाल, जिनके मार्गदर्शन में मैंने बार्सिलोना के लिए डेब्यू किया था, और फ्रैंक रिजकार्ड जैसे महान कोचों ने एक खिलाड़ी और कोच के रूप में मुझे आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
हर्नांडेज़ 1977-78 के बाद नीदरलैंड्स की टीम को संभालने वाले पहले विदेशी कोच बन गए हैं। यह दूसरी बार है जब हर्नांडेज़ ने कोमैन की जगह ली है। इससे पहले 2021 में भी उन्होंने बार्सिलोना में कोमैन के बाद ही कोच का पद संभाला था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीदरलैंड्स के साथ यह हर्नांडेज़ का पहला कार्यकाल होगा। उन्होंने 2019 में कतर के अल-साद क्लब के साथ अपने कोचिंग करियर की शुरुआत की थी। वहां दो सीजन बिताने के बाद, उन्होंने बार्सिलोना की कमान संभाली और टीम को ला लीगा का खिताब तथा स्पेनिश सुपर कप जिताया।
एक खिलाड़ी के रूप में हर्नांडेज़ बार्सिलोना की प्रसिद्ध ‘ला मासिया’ यूथ अकादमी से निकले थे। उन्होंने 1998 में सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया। बार्सिलोना के साथ अपने 17 साल के करियर में उन्होंने आठ लीग खिताब, तीन कोपा डेल रे, छह स्पेनिश सुपर कप, चार चैंपियंस लीग, दो यूईएफए सुपर कप और दो फीफा क्लब विश्व कप जीते। खेल से संन्यास लेने से पहले उन्होंने चार सीजन अल-साद के लिए खेले।
स्पेन की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हुए हर्नांडेज़ ने 2010 विश्व कप के अलावा 2008 और 2012 में लगातार दो यूरोपीय चैंपियनशिप जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। हर्नांडेज़ के सामने अब पहली बड़ी चुनौती नीदरलैंड्स को यूरो 2028 के लिए क्वालीफाई कराने की होगी, जिसकी प्रक्रिया अगले साल मार्च से शुरू होगी।
