चैंपियंस लीग में गोल की बारिश: नए फॉर्मेट के साथ बढ़ी फुटबॉल की रोमांचकता
2024-25 सीजन की शुरुआत से चैंपियंस लीग के नए फॉर्मेट को लागू किया गया है। अब अधिक टीमें, अधिक मैच और मैदान पर गोलों की संख्या में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है।
इस साल की प्रतियोगिता में गोल करने के मामलों में वास्तविक तेजी आई है। अब तक खेले गए मैचों में कुल 187 गोल हुए हैं, जिसका औसत प्रति मैच 4.16 रहा है। यह चैंपियंस लीग के इतिहास में अब तक का सबसे उच्चतम औसत है। मैनचेस्टर यूनाइटेड और इंग्लैंड के पूर्व विंगर एशले यंग ने बीबीसी रेडियो 5 लाइव पर कहा, “देखिए कितने गोल हुए हैं, यह अद्भुत है। हमलावर खिलाड़ी बहुत सटीक खेल दिखा रहे हैं।” वहीं, लिवरपूल के पूर्व डिफेंडर स्टीफन वॉर्नॉक ने गोलों की इस संख्या को “अविश्वसनीय” बताया।
आंकड़े क्या कहते हैं?
चैंपियंस लीग के इतिहास में वर्तमान गोल-प्रति-मैच औसत न केवल सबसे ज्यादा है, बल्कि यह यूरोपीय कप के इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे आगे केवल 1959-60 (4.19) और 1955-56 (4.38) के सीजन रहे हैं।
मंगलवार को नौ मैचों में 40 गोल हुए, लेकिन पिछला सप्ताह और भी अधिक शानदार रहा। पिछले बुधवार को चैंपियंस लीग के इतिहास का तीसरा सबसे अधिक गोल वाला दिन (46 गोल) दर्ज किया गया। पिछले सप्ताह मंगलवार और बुधवार को कुल 78 गोल हुए, जिससे मैचडे-2 अब तक का सबसे अधिक गोल वाला मैचडे बन गया। यह इस सीजन के मैचडे-1 (69 गोल) से नौ गोल अधिक है।
क्या अधिक मनोरंजन का मतलब बेहतर गुणवत्ता है?
2021 में यूईएफए द्वारा फॉर्मेट बदलने की घोषणा के बाद से ही इसके प्रभाव पर चर्चा जारी है। 2024-25 सीजन में इसे लागू करने के बाद से इसकी गहन समीक्षा की जा रही है। 1955-56 में छह टीमों के साथ शुरू हुई यह प्रतियोगिता 1967 में 32 टीमों के नॉकआउट टूर्नामेंट में बदली और 1992 में इसे चैंपियंस लीग का स्वरूप मिला।
2024-25 सीजन से ग्रुप स्टेज को हटाकर 36 टीमों वाला लीग चरण शुरू किया गया, जिसमें प्रत्येक टीम आठ मैच खेलती है। शीर्ष आठ टीमें सीधे नॉकआउट में पहुंचती हैं, जबकि 9वें से 24वें स्थान वाली टीमें प्ले-ऑफ खेलती हैं।
क्या अधिक गोल का मतलब बेहतर गुणवत्ता है? द टाइम्स के फुटबॉल लेखक टॉम अर्नॉट ने बीबीसी रेडियो 5 लाइव पर कहा, “मुझे लगता है कि मनोरंजन बढ़ा है, हालांकि मैं यह नहीं कह सकता कि खेल की गुणवत्ता भी बढ़ी है। मैच देखने में शानदार और रोमांचक हैं, लेकिन इनका महत्व क्या है? फॉर्मेट टीमों को खुलकर खेलने की आजादी देता है, जिससे मनोरंजन तो मिलता है लेकिन कभी-कभी लगता है कि इन मैचों का अंतिम उद्देश्य क्या है।”
