फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाएगी स्पेन की टीम
स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा है कि उनकी टीम मंगलवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में विश्व कप की प्रबल दावेदार फ्रांस के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएगी। डे ला फुएंते ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि स्पेन इस रोमांचक मुकाबले में फ्रांस के खिलाफ अपने स्वाभाविक ‘पजेशन-बेस्ड’ खेल को लागू करने की पूरी कोशिश करेगी।
फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स का मानना है कि स्पेन अभी भी विश्व कप जीतने की दावेदार है, हालांकि सट्टेबाजी के बाजार में फ्रांस को अपना दूसरा खिताब जीतने का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। ‘लेस ब्लूज’ (फ्रांस) की टीम काइलियान एम्बाप्पे, माइकल ओलिसे और उस्मान डेम्बेले जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के दम पर शानदार आक्रामक फुटबॉल खेलते हुए अंतिम चार में पहुंची है।
हालांकि, डे ला फुएंते अपनी टीम को लेकर आश्वस्त हैं, क्योंकि स्पेन ने फ्रांस के खिलाफ पिछले दो मुकाबलों में जीत हासिल की है। मंगलवार को अर्लिंग्टन, टेक्सास के एटी एंड टी स्टेडियम में होने वाले मैच को लेकर कोच ने कहा, “हमने फ्रांस का बहुत विस्तार से विश्लेषण किया है, हम एक-दूसरे को काफी समय से जानते हैं। हम पिछले कुछ वर्षों से एक-दूसरे का सामना कर रहे हैं। उनके पास बेहतरीन खिलाड़ी हैं, तो हमारे पास भी हैं। हमें अपनी खूबियों का पूरा इस्तेमाल करना होगा और प्रतिद्वंद्वी की ताकत को नाकाम करने की कोशिश करनी होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “फुटबॉल यही है—जो टीम बेहतर संतुलन बनाती है, उसकी जीत की संभावना अधिक होती है। हमें उनके खिलाड़ियों के बारे में सोचना होगा और मुकाबले जीतने की कोशिश करनी होगी। हम खेल के दौरान आगे रहकर पहल करने और अपनी शैली को थोपने का प्रयास करेंगे।”
डे ला फुएंते इस बात से भी वाकिफ हैं कि यह चुनौती कितनी कठिन है। उनका कहना है कि पिछले साल यूईएफए नेशंस लीग के सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 5-4 से हराया था, लेकिन तब से अब तक फ्रांस की टीम में काफी सुधार आया है। उन्होंने कहा, “वे एक बेहतर टीम बन गए हैं, क्योंकि उनके खिलाड़ियों का विकास हुआ है। पिछले दो वर्षों में उन्होंने अपने कौशल में सुधार किया है।”
मैच की रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम अपनी खेल शैली थोपने की कोशिश करेंगे। हमारी खेल की शैलियां पूरी तरह से अलग हैं, इसलिए हम आक्रामक रुख अपनाकर पहल करना चाहेंगे।” अपनी टीम को अंतिम संदेश देते हुए कोच ने कहा, “मैदान पर उतरें और इसका आनंद लें। हम एक अनूठे माहौल में हैं। हमें अपनी क्षमता के अनुसार खेलना होगा और प्रतिद्वंद्वी की मजबूती का सामना करने के लिए मजबूत बने रहना होगा।”
