इंग्लैंड-अर्जेंटीना फुटबॉल महामुकाबला: मैदान के भीतर और बाहर का ऐतिहासिक तनाव
इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच फुटबॉल मैच की पुष्टि होते ही दोनों टीमों के दृष्टिकोण में स्पष्ट तनाव देखने को मिला।
अर्जेंटीना के मैनेजर Lionel Scaloni ने तुरंत जोर देकर कहा, “यह केवल एक फुटबॉल मैच है।” ठीक उसी समय उनके खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में “लास माल्विनास” (फॉकलैंड्स) की जीत के लिए गाने गा रहे थे। 2022 वर्ल्ड कप के दौरान चर्चित रहा “Muchachos” गाना भी माल्विनास के बच्चों को याद करता है।
Diego Simeone ने एक डॉक्यूमेंट्री में कहा कि इंग्लैंड-अर्जेंटीना का मुकाबला केवल फुटबॉल तक सीमित नहीं है, इसमें कुछ अलग बात है। यह वर्ल्ड कप का एक महाकाव्य है, जिसकी तुलना ब्राजील-इटली या अन्य मुकाबलों से करना मुश्किल है।
अटलांटा में होने वाले बुधवार के मैच को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। 1986 का क्वार्टर फाइनल मैच वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे चर्चित मैच माना जाता है। फुटबॉल कार्यकारी डिएगो ह्यूर्टा इसे अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मैच बताते हैं। Diego Maradona की विरासत आज भी इन मुकाबलों में जीवित है।
1982 के फॉकलैंड युद्ध का जिक्र आज भी इन मैचों में बार-बार होता है। मराडोना ने खुद लिखा था कि यह युद्ध उन 17 साल के लड़कों के बारे में है, जिन्हें बिना तैयारी के लड़ने भेजा गया था। अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के लिए यह भावना काफी गहरी है।
1966 के क्वार्टर फाइनल में सर Alf Ramsey ने अर्जेंटीना की टीम को “जानवर” कहा था, जिसने इस प्रतिद्वंद्विता को और अधिक कड़वा बना दिया। वहीं, 1998 में David Beckham और सिमोन के बीच हुई घटना आज भी याद की जाती है।
अब एक बार फिर दोनों टीमें वर्ल्ड कप में आमने-सामने हैं, और इस बार दांव पर फाइनल में जगह बनाना है। अर्जेंटीना के प्रशंसक मैदान पर जान लगा देने की बात कर रहे हैं। अंततः, यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच है, लेकिन इसके साथ भावनाओं का एक बड़ा सैलाब भी जुड़ा है।
