विश्व कप सेमीफाइनल: स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में बनाई जगह
FIFA World Cup के पिछले दो टूर्नामेंटों के फाइनल में पहुंचने वाली फ्रांस की टीम 2026 के सेमीफाइनल में अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी स्पेन से हारकर बाहर हो गई। इस रोमांचक मुकाबले में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से मात दी।
मैच के दौरान स्पेन ने मैदान के मध्य भाग (midfield) में अपना दबदबा बनाए रखा और फ्रांस की आक्रामक पंक्ति को पूरी तरह से शांत रखा। इस रणनीति के कारण किलियन एम्बाप्पे और उनके साथी खिलाड़ी पूरे मैच के दौरान संघर्ष करते नजर आए।
स्पेन को शुरुआती बढ़त मिकेल ओयारज़ाबल के पेनल्टी गोल से मिली। मैच के दौरान लुकास डिग्ने द्वारा लामिने यामल के पैर में किक मारने के कारण रेफरी ने स्पेन को पेनल्टी दी थी। इसके बाद दूसरे हाफ की शुरुआत में पेड्रो पोरो ने दानी ओल्मो के साथ शानदार तालमेल दिखाते हुए गोल कर स्पेन की बढ़त को दोगुना कर दिया।
एम्बाप्पे इस मैच में गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेस्सी के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर थे, लेकिन स्पेनिश डिफेंस ने उन्हें पूरे 90 मिनट तक बांधे रखा। फ्रांस की टीम पूरे मैच में केवल दो शॉट ही टारगेट पर ले सकी।
फ्रांस बनाम स्पेन: मैच का ब्यौरा
स्थान: एटी एंड टी स्टेडियम, अर्लिंग्टन (टेक्सास)
रेफरी: इवान बार्टन (होंडुरास)
फ्रांस के खिलाड़ियों का प्रदर्शन:
गोलकीपर माइक मेगन (6) ने पेनल्टी के दौरान सही दिशा में डाइव लगाई, लेकिन वे गोल नहीं रोक सके। ज्यूल्स कुंडे (7) और डायोट उपमेकानो (7) ने डिफेंस में मेहनत की, जबकि लुकास डिग्ने (4) का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिन्होंने पेनल्टी भी दी। ऑरेलियन चौमेनी (7) ने मिडफील्ड में संतुलन बनाने की कोशिश की। ओउस्मान डेम्बेले (4), माइकल ओलिसे (6), ब्रैडली बारकोला (6) और किलियन एम्बाप्पे (5) अपनी छाप छोड़ने में विफल रहे। कोच डिडियर डेसचैम्प्स (3) की रणनीतियां इस मैच में पूरी तरह से विफल रहीं।
स्पेन के खिलाड़ियों का प्रदर्शन:
गोलकीपर उनाई साइमन (5) ने मैच के अंतिम क्षणों में शानदार बचाव किए। पेड्रो पोरो (9) ने गोल दागकर जीत में अहम भूमिका निभाई। पाऊ कुबार्सी (8) और एमरिक लापोर्ट (8) डिफेंस में चट्टान की तरह खड़े रहे। मिडफील्ड में रॉड्री (7) और फैबियन रुइज़ (8) ने खेल को नियंत्रित किया। लामिने यामल (7), दानी ओल्मो (8) और मिकेल ओयारज़ाबल (7) ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया। स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते (8) की रणनीति ने फ्रांस को पूरी तरह बैकफुट पर रखा।
