कतर वर्ल्ड कप के व्हिसलब्लोअर अब्दुल्ला इभाईस जॉर्डन में गिरफ्तार, अमेरिकी अदालत में गवाही देने वाले थे
कतर के व्हिसलब्लोअर अब्दुल्ला इभाईस को जॉर्डन में गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी उस समय हुई है जब वे दो सप्ताह बाद अमेरिकी जिला अदालत में एक मामले में गवाह के तौर पर गवाही देने वाले थे। यह मामला 2022 वर्ल्ड कप से जुड़े जबरन श्रम और मानव तस्करी के आरोपों से संबंधित है।
जॉर्डन के नागरिक इभाईस ने दोहा की जेल में तीन साल बिताए। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे एक “अनुचित सुनवाई” करार दिया था। इभाईस का कहना है कि उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों से जुड़ी शिकायतों की जांच की थी और सुप्रीम कमेटी को उनकी भूमिका स्वीकार करने की सलाह दी थी, जिसके बाद उन्हें दुर्भावनापूर्ण तरीके से मुकदमे में फंसाया गया। फेयरस्क्वायर का कहना है कि इभाईस ने अपने मामले के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध कराए थे।
कतर की ओर से जारी बयान में अप्रैल 2021 में इभाईस को “रिश्वतखोरी”, “टेंडर और मुनाफे की अखंडता के उल्लंघन” और “सार्वजनिक धन को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने” का दोषी ठहराया गया था।
पांच साल की सजा कम होने के बाद उन्हें 11 मार्च 2025 को रिहा कर दिया गया था। लेकिन, उनके परिवार ने ‘द इंडिपेंडेंट’ को बताया कि अब वे फिर से कानून प्रवर्तन के निशाने पर हैं। उन्हें राजधानी अम्मान में एक मस्जिद से जॉर्डन के जनरल इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट (GID) द्वारा उठाया गया है।
बताया जाता है कि इभाईस को उनके दो बच्चों के सामने गिरफ्तार किया गया। परिवार की जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी का कोई वारंट नहीं था और न ही किसी वकील को उनसे संपर्क करने की अनुमति दी गई है।
इभाईस को 20 अगस्त को संयुक्त राज्य अमेरिका में स्वैच्छिक बयान दर्ज कराना था और उन्हें 6 अगस्त को अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास में वीजा मिल गया था। उन्हें कोलोराडो की अदालत द्वारा बयान दर्ज कराने के लिए समन भेजा गया था।
उनके परिवार का कहना है कि इभाईस को GID अधिकारियों ने पहले भी जेल की धमकी दी थी, यदि वे अपने मामले या कतर में श्रमिकों की स्थिति को लेकर अपनी बात रखना जारी रखते हैं।
यह भी कहा गया है कि इभाईस ने पहले अपने GID पूछताछकर्ताओं के सामने यह बात रखी थी कि वे कतर के अनुरोध पर काम कर रहे हैं, जिसे अधिकारियों ने कभी नकारा नहीं और न ही इस पर कोई सवाल उठाया।
सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर मई में भी इभाईस को गिरफ्तार करने का प्रयास किया था, जब उनके घर की तलाशी ली गई थी, लेकिन अधिकारियों को एक फोन कॉल आने के बाद वे वहां से चले गए थे।
इभाईस का पासपोर्ट भी इस साल मई से जुलाई के बीच दो महीने के लिए जब्त कर लिया गया था। उनके परिवार का आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि उन्हें उस बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में शामिल होने से रोका जा सके, जो 30 मई 2026 को नॉर्वे में अमेरिकी दूतावास में वर्चुअली होने वाला था।
वे 17 जून को वाशिंगटन डीसी में मैसाचुसेट्स के कांग्रेसी जेम्स मैकगवर्न के साथ एक औपचारिक बैठक में भी शामिल नहीं हो पाए थे, जिसके लिए उन्हें आमंत्रित किया गया था। मैकगवर्न ने इभाईस को दोबारा निमंत्रण पत्र भेजा था, जिसमें जॉर्डन के अधिकारियों द्वारा उनका पासपोर्ट जब्त रखने पर खेद जताया गया था।
इभाईस को जून की शुरुआत में ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित ओस्लो फ्रीडम फोरम में भी भाग लेना था।
