विमेंस सुपर लीग से बाहर होने के बाद लेस्टर सिटी में बड़े बदलाव की तैयारी, कप्तान सैम टियरनी ने जताई टीम पर भरोसा
मई में जब लेस्टर सिटी विमेंस सुपर लीग (WSL) से रेलिगेट होकर WSL 2 में पहुंची, तो इसके बाद क्लब से खिलाड़ियों के जाने का सिलसिला शुरू हो गया। समर ट्रांसफर विंडो के दौरान अब तक 14 खिलाड़ी क्लब छोड़ चुके हैं, जिनमें से नौ खिलाड़ी वे थीं जिन्होंने चार्लटन एथलेटिक के खिलाफ WSL प्ले-ऑफ में हार का सामना किया था।
गोलकीपर जैनीना लीट्ज़िग ने मैनचेस्टर यूनाइटेड का रुख किया, जबकि आक्रामक खिलाड़ी हन्ना केन, नोएमी मौचोन और जुट्टा रंताला ने एवरटन के साथ करार किया। इन बदलावों का मतलब है कि टीम को अब दूसरे दर्जे से वापसी करने के लिए नए सिरे से तैयार होना होगा।
हालांकि, लेस्टर की सबसे अनुभवी खिलाड़ी और कप्तान सैम टियरनी ने जुलाई में 2028 तक का नया करार कर प्रशंसकों को बड़ी राहत दी है। 27 वर्षीय टियरनी अब तक लेस्टर के लिए 151 मैच खेल चुकी हैं और क्लब के हर उतार-चढ़ाव में साथ रही हैं। उन्होंने बीबीसी स्पोर्ट से बातचीत में कहा, “मैं मुश्किल समय में क्लब छोड़कर जाने वालों में से नहीं हूं। लेस्टर के साथ मेरा गहरा जुड़ाव है।”
टियरनी आगे कहती हैं, “मैं सफलता चाहती हूं। पिछले कुछ वर्षों में हमने काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि अब हम उस स्थिति में हैं जहां से टीम को दोबारा खड़ा किया जा सकता है। यह क्लब शानदार है और यहां के लोग भी बहुत अच्छे हैं। यह एक परिवार की तरह है और हम अभी एक बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं।”
‘मैं चाहती हूं कि लोग लेस्टर की सफलता पर ईर्ष्या करें’
पिछला सीजन लेस्टर के लिए काफी निराशाजनक रहा। विमेंस सुपर लीग में उनका पांच साल का सफर वैसे ही खत्म हुआ जैसे पुरुष टीम का लीग वन में हुआ था। महिला टीम अपने 22 मैचों में से केवल दो में जीत दर्ज कर सकी और -41 के गोल अंतर के साथ लीग का अंत किया।
क्लब ने उन खिलाड़ियों को जाने की अनुमति दी जो ट्रांसफर फीस के जरिए टीम के पुनर्निर्माण में मदद कर सकते थे। टियरनी का मानना है कि यह एक नई लेस्टर टीम बनाने का मौका है जो भविष्य में लोगों को प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा, “जब मैं पहली बार यहां आई थी, तब हम स्थानीय पार्कों में अभ्यास करते थे। अब जो प्रगति हुई है, वह अविश्वसनीय है। मैं चाहती हूं कि खिलाड़ी लेस्टर के लिए खेलना चाहें और यहां रुकना पसंद करें। मैं चाहती हूं कि लोग लेस्टर की सफलता को देखकर ईर्ष्या करें।”
टियरनी 2020 में शेफील्ड यूनाइटेड से लेस्टर आई थीं। वह 2021 में टीम को WSL में प्रमोट कराने और 2024 में विमेंस FA कप के सेमीफाइनल तक पहुंचाने वाली टीम का हिस्सा रही हैं। उनका मानना है कि बदलाव रातों-रात नहीं होते, लेकिन टीम का लक्ष्य एक ‘यो-यो क्लब’ (लगातार ऊपर-नीचे होने वाली टीम) के बजाय WSL में स्थायी जगह बनाना है।
‘अब नैरेटिव बदलने का समय है’
लेस्टर का प्री-सीजन अभियान जारी है। टीम ने रग्बी बरो को हराया, मैनचेस्टर यूनाइटेड के साथ ड्रॉ खेला और लिवरपूल से उन्हें हार मिली। टीम में छह नए खिलाड़ी शामिल हुए हैं और टियरनी के अलावा तीन अन्य खिलाड़ियों ने अपने अनुबंधों का नवीनीकरण किया है। 6 सितंबर को शेफील्ड यूनाइटेड के खिलाफ WSL 2 के अपने पहले मुकाबले की तैयारी के दौरान टियरनी ने कहा कि उन्हें टीम में सकारात्मक बदलाव महसूस हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा, “आप देख सकते हैं कि क्लब में समीक्षा हुई है और हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य एक अलग तरह की लेस्टर टीम बनना है और अब समय आ गया है कि हमारी पहचान और हमें देखे जाने के नजरिए को बदला जाए।”
व्यक्तिगत स्तर पर टियरनी इस सीजन को कप्तान के रूप में अधिक आनंदमय बनाना चाहती हैं, जहां रेलिगेशन का साप्ताहिक तनाव न हो। उन्होंने स्वीकार किया कि खिलाड़ियों के लिए मुश्किल दौर से गुजरना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। टियरनी का स्पष्ट कहना है, “हम एक रोमांचक टीम बनना चाहते हैं, जिसे हराना मुश्किल हो। बेशक लक्ष्य ऊपर (WSL) जाना है, लेकिन इसे स्थायी तरीके से करना होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हम इस लीग में शीर्ष पर चुनौती पेश करें, प्रमोट हों और आने वाले कई सालों तक WSL में बने रहें।”
