फुटबॉल जगत के ‘सोते हुए दिग्गज’: यूरोप के वे क्लब जो आज भी शीर्ष लीग में वापसी की राह देख रहे हैं
डेपोर्टिवो, पार्मा और हैम्बर्ग जैसे क्लबों ने हाल के वर्षों में अपनी शीर्ष लीगों में शानदार वापसी की है। इन टीमों के साथ लीड्स यूनाइटेड, नॉटिंघम फॉरेस्ट, शाल्के और मलागा भी इस फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं। लेकिन, फुटबॉल जगत के वे ‘सोते हुए दिग्गज’ (sleeping giants) कहां हैं, जो अभी भी अपनी पुरानी चमक खोकर संघर्ष कर रहे हैं?
किसी क्लब को ‘सोता हुआ दिग्गज’ मानने के लिए हम उनके इतिहास, विरासत, प्रशंसक आधार और स्टेडियम जैसे मानदंडों को आधार बनाते हैं। ऐसी टीमें जिनके पास अपार संभावनाएं हैं, लेकिन फिलहाल वे शीर्ष लीग से बाहर हैं।
आइए जानते हैं यूरोप के 10 ऐसे प्रमुख फुटबॉल क्लबों के बारे में:
10. बुर्सास्पोर (Bursaspor)
तुर्की का यह क्लब 2010 में लीग खिताब जीतकर सुर्खियों में आया था। मगर 2024 में ‘ग्रीन क्रोकोडाइल्स’ के नाम से मशहूर यह टीम अपने इतिहास में पहली बार चौथे टियर में गिर गई। हालांकि, अब वे वापसी की कोशिश कर रहे हैं। इनके पास 43,361 की क्षमता वाला मगरमच्छ के आकार का अनूठा स्टेडियम है।
9. डायनमो ड्रेसडेन (Dynamo Dresden)
पूर्व पूर्वी जर्मनी का यह सबसे प्रभावशाली क्लब आठ बार लीग चैंपियन रहा है। 1991 में जर्मनी के एकीकरण के बाद यह टीम बुंडेसलिगा में शामिल हुई, लेकिन बाद में कर्ज के कारण तीसरे टियर में खिसक गई। वर्तमान में यह 2.बुंडेसलिगा में खेल रही है और इनके पास 30,000 से अधिक प्रशंसकों का बड़ा आधार है।
8. काइजरस्लॉटरन (Kaiserslautern)
यह एकमात्र ऐसी टीम है जिसने प्रमोशन के तुरंत बाद बुंडेसलिगा खिताब जीता था। पिछले 15 वर्षों से यह टीम शीर्ष लीग से दूर है। इसके बावजूद, फ्रिट्ज़-वाल्टर-स्टेडियम में औसतन 46,000 दर्शक मैच देखने आते हैं।
7. शेफ़ील्ड वेडनेसडे (Sheffield Wednesday)
इंग्लैंड का यह ऐतिहासिक क्लब फिलहाल लीग वन (तीसरे टियर) में है। इनका आखिरी लीग खिताब करीब 100 साल पहले आया था, लेकिन 1991 में इन्होंने लीग कप जीता था। मई में एक अमेरिकी कंसोर्टियम द्वारा क्लब खरीदे जाने के बाद प्रशंसकों को अच्छे दिनों की उम्मीद है।
6. हर्था बी.एस.सी. (Hertha BSC)
बर्लिन स्थित इस क्लब के पास 74,475 की क्षमता वाला विशाल ओलंपिक स्टेडियम है। पिछले चार वर्षों से यह टीम शीर्ष लीग से बाहर है। फिलहाल 2.बुंडेसलिगा में शीर्ष पर चल रही यह टीम वापसी की ओर अग्रसर है।
5. बोर्डो (Bordeaux)
2009 की फ्रेंच चैंपियन टीम बोर्डो का हाल बेहद खराब है। वित्तीय संकट के चलते टीम को छठे टियर (रीजनल 1) में डिमोट कर दिया गया है। फिलहाल एक अमेरिकी निवेश फंड ‘पार्क बेंच’ द्वारा एक यूरो में खरीदे जाने के बाद क्लब नई शुरुआत कर रहा है।
4. एफ.सी. नूर्नबर्ग (FC Nuremberg)
नौ बार की जर्मन चैंपियन नूर्नबर्ग के पास 50,000 दर्शकों की क्षमता वाला स्टेडियम है। ‘डेर क्लब’ के उपनाम से प्रसिद्ध यह टीम वर्तमान में 2.बुंडेसलिगा में खेल रही है, जिसे वर्ल्ड कप विजेता मिरोस्लाव क्लोज़ कोचिंग दे रहे हैं।
3. रियल ज़रागोज़ा (Real Zaragoza)
स्पेनिश क्लब ज़रागोज़ा ने 1995 में ‘कप विनर्स कप’ जीता था। तीन दशक बाद, यह टीम स्पेन के तीसरे टियर में है। फिलहाल क्लब अपने नए 43,114 क्षमता वाले स्टेडियम पर काम कर रहा है, ताकि वे अपनी पुरानी गौरवशाली स्थिति वापस पा सकें।
2. सेंट-एटिएन (Saint-Etienne)
फ्रांस की सबसे सफल क्लबों में से एक (10 लीग खिताब) सेंट-एटिएन फिलहाल लीग 2 में है। 41,965 की क्षमता वाले ‘कॉल्ड्रोन’ स्टेडियम में खेलने वाली यह टीम लगातार शीर्ष प्रतिभाओं को तैयार करती रही है।
1. सम्पदोरिया (Sampdoria)
इतालवी फुटबॉल के स्वर्ण युग में सम्पदोरिया एक बड़ा नाम थी। 1991 में स्कुडेटो (लीग खिताब) जीतने वाली यह टीम तीन बार यूरोपीय फाइनल में पहुंची थी। वित्तीय संकट के कारण टीम फिलहाल सीरी बी (Serie B) में संघर्ष कर रही है, लेकिन नई ओनरशिप के साथ प्रशंसक बेहतर भविष्य की उम्मीद लगाए हुए हैं।
