पेरिस सेंट-जर्मेन से हार के बाद बार्सिलोना का पूरा ध्यान अब ‘एल क्लासिको’ पर
पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) के खिलाफ हार के बावजूद एफसी बार्सिलोना की टीम का मानना है कि वे सही राह पर हैं। टीम पेरिस से कैटेलोनिया लौट आई है और खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ तथा क्लब के निदेशकों का मानना है कि बार्सिलोना को यूरोप में अभी बहुत कुछ साबित करना बाकी है। क्लब के भीतर सभी का पूरा ध्यान रविवार को स्पॉटिफाई कैंप नोउ में होने वाले ‘एल क्लासिको’ मुकाबले पर केंद्रित है।
बार्सिलोना के प्रतिनिधिमंडल के बीच यह चर्चा आम थी कि “यह हार हमें ‘एल क्लासिको’ के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद करेगी।” क्लब के नेतृत्व और कोचिंग स्टाफ का मानना है कि पेरिस में उन्हें कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एरिक गार्सिया और जूल्स कोंडे की चोट, राफिन्हा की शारीरिक समस्याएं, रोड्री जैसे खिलाड़ियों को मैनेज करने की जरूरत और सेविले से पेरिस की यात्रा में हुई देरी व थकान का टीम के प्रदर्शन पर काफी असर पड़ा। हालांकि, क्लब इन कारकों को कोई बहाना नहीं मानता, लेकिन इनका खेल पर स्पष्ट प्रभाव देखा गया।
संकट का कोई माहौल नहीं
PSG से मिली हार के बावजूद बार्सिलोना में कोई संकट जैसी स्थिति नहीं है। आत्म-चिंतन जरूरी है, लेकिन टीम इस परिणाम को लेकर किसी तरह के संकट में पड़ने के मूड में नहीं है। जैसा कि हैंसी फ्लिक ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अक्टूबर में खिताब नहीं जीते जाते। प्राथमिकता अब अपनी गलतियों से सीखकर लगातार सुधार करने की है। टीम के भीतर यह मजबूत विश्वास है कि रविवार को रियल मैड्रिड के खिलाफ बार्सिलोना की टीम काफी ठोस नजर आएगी।
तत्काल प्राथमिकता अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी को हराकर ला लीगा में नौ अंकों की बढ़त बनाना है। चैंपियंस लीग में स्थिति को सुधारने के लिए अभी काफी समय बाकी है।
फ्लिक की नजरें शुरू से ही ‘एल क्लासिको’ पर थीं
बार्सिलोना का यह भी मानना है कि हैंसी फ्लिक ने PSG के खिलाफ पूरे मैच के दौरान ‘एल क्लासिको’ को ही प्राथमिकता दी। रोड्री को बेंच पर रखा गया ताकि वे रियल मैड्रिड के खिलाफ पूरी तरह फिट रहें, जबकि राफिन्हा और पेड्रि को मैच के करीब एक घंटे बाद ही बाहर बुला लिया गया। फ्लिक द्वारा चुनी गई उनकी सबसे मजबूत शुरुआती एकादश के खिलाड़ी पूरे मैच के दौरान एक साथ मैदान पर नहीं थे।
इसे हार के बहाने के रूप में पेश नहीं किया जा रहा है, खासकर तब जब PSG भी नूनो मेंडेस के बिना खेल रही थी और मैच की शुरुआत में ही उस्मान डेम्बेले चोटिल होकर बाहर हो गए थे। हालांकि, टीम ने पेरिस में अपना पूरा प्रयास किया और गर्व व चरित्र दिखाया। अब टीम को आगे बढ़ना है और रियल मैड्रिड के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करना है। ड्रेसिंग रूम से स्पष्ट संदेश मिल रहा है कि “यह ‘एल क्लासिको’ के लिए अतिरिक्त प्रेरणा का काम करेगा।”
