वर्ल्ड कप फाइनल: अर्जेंटिना के डिफेंडर क्रिस्टियन रोमेरो ने डोनाल्ड ट्रंप से हाथ मिलाने से किया इनकार
2026 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में पदक वितरण समारोह के दौरान अर्जेंटिना के सेंटर-बैक क्रिस्टियन रोमेरो ने डोनाल्ड ट्रंप से हाथ नहीं मिलाया। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल मैच में अर्जेंटिना को स्पेन के हाथों अतिरिक्त समय में 1-0 से हार का सामना करना पड़ा। मैच का एकमात्र गोल 106वें मिनट में फेरान टॉरेस ने किया, जिससे स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया।
मैच के दौरान क्रिस्टियन रोमेरो अर्जेंटिना की डिफेंस लाइन में लिसान्ड्रो मार्टिनेज के साथ मौजूद थे, लेकिन 70वें मिनट में चोट के कारण उन्हें मैदान से बाहर होना पड़ा। उनके साथी डिफेंडर मार्टिनेज भी पहले हाफ के अंत में चोट के चलते बाहर हो गए थे।
मैडल सेरेमनी के दौरान जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खिलाड़ियों को पदक पहना रहे थे, तब 28 वर्षीय टोटेनहम डिफेंडर रोमेरो ने ट्रंप से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। रोमेरो ने ट्रंप के बगल में खड़े फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो और मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम से तो हाथ मिलाया, लेकिन उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से कोई संपर्क नहीं रखा।
पिछली गर्मियों में जब चेल्सी ने इसी स्टेडियम में फीफा क्लब वर्ल्ड कप जीता था, तब डोनाल्ड ट्रंप ने चर्चा बटोरी थी। उस समय वे चेल्सी के कप्तान रीस जेम्स के साथ ट्रॉफी उठाने के जश्न में शामिल हुए थे। इस बार स्पेन को ट्रॉफी देने के बाद ट्रंप फोटो खिंचवाने के लिए खिलाड़ियों के समूह के करीब जाकर खड़े हो गए थे, जिसके बाद फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो ने उन्हें वहां से हटने का इशारा किया।
रविवार रात न्यू जर्सी के स्टेडियम में डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति पर दर्शकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही और पूरे स्टेडियम में उनके खिलाफ हूटिंग सुनाई दी। ट्रंप जब फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो के साथ मैदान पर आए, तो दर्शकों ने जोर-जोर से हूटिंग और सीटी बजाई। इस दौरान उन्होंने सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड के गवर्नर और न्यूकैसल के चेयरमैन यासिर अल-रुमय्यान समेत कई मेहमानों से मुलाकात की। उस समय स्टेडियम में शोर का स्तर 78 डेसिबल था, जो हूटिंग के बाद 84 डेसिबल तक पहुंच गया।
चार साल पहले कतर में वर्ल्ड कप जीतने वाली अर्जेंटिना की टीम इस बार अपना खिताब बरकरार रखने में नाकाम रही। फाइनल में टीम के कमजोर प्रदर्शन के चलते उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
