एमिल हेस्की ने फुटबॉल करियर में अपने बेटों को दी सफलता की राह
आमतौर पर किसी पूर्व पेशेवर खिलाड़ी के बच्चों का अपने माता-पिता के नक्शेकदम पर चलना कोई नई बात नहीं है। हालांकि, अक्सर परिवार का केवल एक ही बेटा या बेटी इस मुकाम तक पहुंच पाते हैं, लेकिन दो बच्चों का सफल होना काफी उल्लेखनीय है। पूर्व फुटबॉलर एमिल हेस्की ने इंग्लिश फुटबॉल अकादमी प्रणाली के चुनौतीपूर्ण दौर से अपने दो बेटों, जेडन और रीगन को एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में तैयार किया है।
ये दोनों भाई वर्तमान में मैनचेस्टर सिटी के साथ अनुबंधित हैं। 20 वर्षीय जेडन हेस्की शेफील्ड वेडनेसडे के साथ इस साल अपने दूसरे लोन स्पेल (loan spell) पर हैं, जबकि 18 वर्षीय रीगन हेस्की ने इस गर्मियों में जर्मनी के क्लब कोल्न के साथ अपना पहला लोन अनुबंध किया है। जेडन सांचो, जेमी गिटेंस और फेलिक्स नमेचा जैसे कई खिलाड़ी पहले ही जर्मनी जाकर सफलता हासिल कर चुके हैं, जिससे रीगन के प्रदर्शन को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
फुटबॉल में बच्चों की परवरिश पर हाल ही में काफी चर्चा हुई है। हालांकि, एमिल हेस्की ने इस क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल की है और वे समझते हैं कि अगली पीढ़ी को कैसे प्रशिक्षित किया जाए।
द इंडिपेंडेंट से बात करते हुए हेस्की ने कहा, “जेडन तीन-चार साल की उम्र से ही फुटबॉल खेलना चाहता था। उसे खेल का माहौल और हर चीज पसंद थी, इसलिए उसने खुद को एक पेशेवर फुटबॉलर बनने के लिए ढाल लिया। रीगन भी अपने बड़े भाई के नक्शेकदम पर चला। वे दोनों प्रतिभाशाली हैं और उन्हें एक ऐसी अकादमी मिली जिसने उनके विकास में बहुत मदद की।”
लिवरपूल, लीसेस्टर और एस्टन विला जैसे क्लबों के लिए 22 साल तक खेलने वाले एमिल हेस्की स्वीकार करते हैं कि एक पूर्व पेशेवर खिलाड़ी होने के कारण उनके बेटों को शुरुआत में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं कि मेरी स्थिति ने उन्हें बढ़त दी, लेकिन उसके बाद का रास्ता खिलाड़ी को खुद तय करना होता है। जेडन बहुत तेजी से चीजें सीखता है और वह प्रशिक्षकों की बातों पर बहुत ध्यान देता है।”
हेस्की का मानना है कि कोच का प्रभाव बहुत महत्वपूर्ण होता है और वे अब ‘चेस कोचिंग प्रोग्राम’ (Chase coaching programme) के साथ जुड़कर युवाओं को प्रेरित करने का काम कर रहे हैं। वे कहते हैं कि बच्चे के लिए सबसे अच्छा यही होता है कि माता-पिता थोड़ा पीछे रहें।
उन्होंने बताया, “मैं हमेशा एक कदम पीछे रहता था। मैं कभी भी किनारे पर खड़े होकर बच्चों पर दबाव नहीं बनाता था, ताकि वे बिना किसी तनाव के कोच के निर्देशों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। यह उनका करियर है, मेरा नहीं।”
हेस्की के अनुसार, कुछ माता-पिता खेल के दौरान बच्चों पर अत्यधिक दबाव बनाते हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि जब उनके बेटे बड़े हो रहे थे, तो उन्होंने महसूस किया कि वे खेल के बारे में उनसे भी अधिक जानते हैं।
जेडन और रीगन की प्रगति को देखते हुए, हेस्की का ‘कम हस्तक्षेप’ वाला यह फार्मूला काफी प्रभावी साबित हुआ है। उनके पूर्व साथी जेमी कैरागर भी, जिनके बेटे जेम्स विगन एथलेटिक के लिए खेलते हैं, अक्सर यह कहते रहे हैं कि बहुत ज्यादा दखल देने वाले माता-पिता उभरते हुए खिलाड़ियों के करियर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हेस्की अपनी बात को समाप्त करते हुए कहते हैं, “उनके पास अपना भविष्य बनाने के लिए सब कुछ है, बस उन्हें स्वाभाविक रूप से बढ़ने देना चाहिए।”
