फीफा वर्ल्ड कप: खराब मौसम के चलते इंग्लैंड बनाम नॉर्वे क्वार्टर फाइनल पर संकट
शनिवार को होने वाले फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड और नॉर्वे की टक्कर पर खराब मौसम का खतरा मंडरा रहा है। शाम 5 बजे (ET) निर्धारित इस मैच को प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण स्थगित करना पड़ सकता है।
थॉमस ट्यूशेल और स्टाल सोलबाकेन की टीमें मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में शनिवार को होने वाले इस महत्वपूर्ण क्वार्टर फाइनल मैच की तैयारी कर रही हैं, लेकिन दक्षिण फ्लोरिडा में भीषण गर्मी और गरज के साथ छींटों के पूर्वानुमान ने चिंता बढ़ा दी है। आशंका है कि इन हालात के चलते मैच में देरी हो सकती है या खेल को बीच में रोकना पड़ सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा (US National Weather Service) ने इलाके के लिए ‘हीट एडवाइजरी’ जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आर्द्रता (humidity) को देखते हुए तापमान 109°F तक पहुंच सकता है। स्थिति तब और खराब हो गई जब इस सप्ताह अटलांटिक पार करके आई सहारा की धूल ने आसमान को धुंधला कर दिया, जिससे एलर्जी और सांस की समस्या वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी जारी की गई है, जैसा कि Wales Online ने बताया है।
भीषण गर्मी के अलावा, मौसम विभाग ने सप्ताहांत से पहले तूफान की भी आशंका जताई है, जिस पर फीफा कड़ी नजर रखे हुए है।
फीफा के सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, स्टेडियम के आठ मील के दायरे में बिजली गिरने का संकेत मिलते ही खेल को तब तक के लिए रोक दिया जाता है जब तक कि स्थितियां सुरक्षित न हो जाएं। इंग्लैंड की टीम इस नियम से अच्छी तरह वाकिफ है।
फीफा के पास यह अधिकार है कि यदि तापमान खिलाड़ियों के लिए खतरनाक स्तर पर हो, तो वह मैचों में देरी कर सकता है।
टूर्नामेंट में पहले भी, मेक्सिको के खिलाफ इंग्लैंड की राउंड ऑफ 16 जीत के दौरान तूफान के कारण किक-ऑफ में एक घंटे से अधिक की देरी हुई थी। उस समय खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और हजारों दर्शक स्टेडियम में इंतजार करते रहे थे।
इंग्लैंड ही नहीं, अन्य टीमें भी इस तरह के उतार-चढ़ाव भरे मौसम से प्रभावित हुई हैं। इराक के खिलाफ फ्रांस का ग्रुप-स्टेज मैच भारी बारिश के कारण पिच के खेलने लायक न रहने से दो घंटे तक रोकना पड़ा था।
मियामी में इस सप्ताहांत भी इसी तरह के मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए, इंग्लैंड और नॉर्वे के बीच होने वाले इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले में बिजली की चमक के कारण व्यवधान आ सकता है।
यदि मैच तय समय पर शुरू भी होता है, तो दोनों टीमों और हार्ड रॉक स्टेडियम में मौजूद हजारों प्रशंसकों को शाम के समय भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
राष्ट्रीय मौसम सेवा ने चेतावनी दी है कि तापमान और आर्द्रता का मेल लू और गर्मी से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकता है। उन्होंने बाहर रहने वाले लोगों को हाइड्रेटेड रहने, वातानुकूलित स्थानों (AC) में रहने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और अपने परिवार, पड़ोसियों व कमजोर लोगों का ध्यान रखने की सलाह दी है।
इंग्लैंड के लिए शनिवार को सबसे बड़ी चुनौती केवल नॉर्वे ही नहीं, बल्कि मियामी की चिलचिलाती गर्मी भी हो सकती है, जो इस क्वार्टर फाइनल मैच को काफी मुश्किल बना रही है।
