मैनचेस्टर सिटी के विंगर्स ने एशियाई प्री-सीजन दौरे में बिखेरा जलवा, एंजो मारेस्का ने की तारीफ
मैनचेस्टर सिटी ने सियोल वर्ल्ड कप स्टेडियम में एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ 3-1 की जीत के साथ अपने एशियाई प्री-सीजन दौरे का समापन किया। मैच के 43वें मिनट में एटलेटिको मैड्रिड के युवा राइट-बैक जॉर्ज डोमिंग्वेज ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई थी। हालांकि, मैनचेस्टर सिटी के लिए उमर मार्मश ने 57वें और 59वें मिनट में दो गोल कर टीम को बढ़त दिला दी। ये दोनों गोल बाएं विंग पर एंटोनी सेमेन्यो के शानदार खेल की बदौलत संभव हुए। अंत में रेयान ऐत-नूरी ने बेहतरीन फिनिश के साथ मैनचेस्टर सिटी की जीत पक्की कर दी।
इंटर मिलान, के-लीग ऑल-स्टार्स और एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ तीन प्री-सीजन फ्रेंडली मैचों में मैनचेस्टर सिटी के विंगर्स का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला। कोच एंजो मारेस्का ने पेप गार्डियोला के समय की तुलना में अपनी विंगर्स के इस्तेमाल में कुछ रणनीतिक बदलाव किए हैं। एंटोनी सेमेन्यो, साविन्हो और रयान मैकाडू ने इस दौरान टीम के लिए जबरदस्त प्रभाव छोड़ा। 2026-27 सीज़न को देखते हुए, मैनचेस्टर सिटी के विंगर्स टीम के लिए एक बड़ा हथियार साबित हो रहे हैं।
एशिया दौरे के बाद एंजो मारेस्का ने अपने विंगर्स के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर, यह यूरोप की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के खिलाफ एक अच्छा परीक्षण था। खिलाड़ियों ने जो मेहनत की है, उसका श्रेय उन्हें जाता है। कल से प्री-सीजन खत्म हो जाएगा और असली काम शुरू होगा।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि विंगर्स अच्छा खेल सकते हैं, लेकिन अंतिम परिणाम सबसे महत्वपूर्ण है। हमें मैदान पर ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो खेल में असंतुलन पैदा कर सके, खासकर तब जब वे वन-ऑन-वन की स्थिति में हों।”
एंजो मारेस्का की प्रणाली विंगर्स से अधिकतम प्रभाव प्राप्त करने के लिए तैयार की गई है। एंटोनी सेमेन्यो ने बाएं और दाएं दोनों विंग पर खेलते हुए चार असिस्ट किए। वहीं, साविन्हो ने भी दाएं विंग पर अपनी भूमिका निभाई, जबकि रयान मैकाडू ने इंटर मिलान के खिलाफ पहले फ्रेंडली मैच में प्रभावित किया। रेयान ऐत-नूरी ने भी बाएं विंग पर खेलते हुए दो गोल दागे।
मारेस्का की रणनीति के तहत टीम के फुल-बैक या तो मिडफील्ड में आ जाते हैं या सिटी के पास गेंद होने पर बैक-थ्री बनाने में मदद करते हैं। यह बदलाव विंगर्स को काम करने के लिए जगह देता है। जेरेमी डोकू और रेयान चेरकी को अभी इस प्रणाली में खेलने का मौका नहीं मिला है, लेकिन उनकी क्षमताओं को देखते हुए वे भी इस सिस्टम में चमक सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रतिद्वंद्वी टीमें मैनचेस्टर सिटी के विंगर्स के खतरे को रोकने के लिए क्या रणनीतियां अपनाती हैं। 2026-27 सीज़न के दौरान यह सब देखना काफी दिलचस्प होगा।
कुल मिलाकर, विंगर्स आगामी सीजन में मैनचेस्टर सिटी के लिए एक घातक हथियार बन सकते हैं। एंटोनी सेमेन्यो, साविन्हो, रयान मैकाडू और रेयान ऐत-नूरी ने अपनी खेल शैली से यह साबित कर दिया है। एशियाई दौरे के दौरान मैनचेस्टर सिटी के खेल का सबसे आकर्षक पहलू विंगर्स का प्रभावशाली प्रदर्शन ही रहा है।
