नेशंस लीग में इटली की हार पर भड़का इतालवी मीडिया, कोच मैनसिनी और टीम की आलोचना
इटली के फुटबॉल जगत में रॉबर्टो मैनसिनी और इटली की राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन को लेकर काफी निराशा है। शुक्रवार रात को नेशंस लीग में बेल्जियम के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर मिली हार के साथ टीम के नए युग की शुरुआत खराब रही है।
स्टेडियो ओलिंपिको में मौजूद दर्शकों ने इटली की टीम को हूटिंग का शिकार बनाया। मिका गॉट्स और डोडि लुकेबाकियो के गोलों की बदौलत इटली को मार्क वैन बॉमेल की टीम के खिलाफ 2-0 से हार का सामना करना पड़ा।
इस परिणाम के बाद ‘अज़ूरी’ (इतालवी टीम) नेशंस लीग ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है। टीम को अगले दो हफ्तों में तुर्की और फ्रांस के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं।
इटली बनाम बेल्जियम मैच के बाद इतालवी मीडिया की प्रतिक्रिया
शनिवार सुबह प्रकाशित रिपोर्टों में मैनसिनी और टीम के लिए कोई नरमी नहीं बरती गई है।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि अज़ूरी अभी भी ‘जेनिका में अटके हुए हैं’, जो इसी साल मार्च में गेनारो गाटुसो के नेतृत्व में बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ वर्ल्ड कप प्ले-ऑफ फाइनल में मिली हार की ओर इशारा करता है।
ला गज़ेटा डेलो स्पोर्ट ने लिखा कि मैनसिनी की टीम पहले से कहीं अधिक “अव्यवस्थित और खराब” नजर आ रही है। अखबार ने स्वीकार किया कि बेल्जियम का खेल उत्कृष्ट था, लेकिन इटली की कमजोरियों ने उन्हें और भी बेहतर बना दिया।
अखबार ने टीम पर पहचान खोने और रणनीतिक रूप से तैयार न होने का आरोप लगाया। रिपोर्ट में कहा गया: “इटली भ्रमित और डरी हुई दिखी, जिसमें विचारों की कमी थी। बेल्जियम ने उन्हें पूरी तरह पस्त कर दिया और इटली ने कभी भी वापसी की कोशिश नहीं की।”
कोरिएरे डेलो स्पोर्ट ने सहमति जताते हुए लिखा कि इटली पहले हाफ में पूरी तरह से ‘जेनिका’ वाली मानसिकता में फंसी रही। अखबार के अनुसार, टीम हार के डर से लकवाग्रस्त नजर आई।
भले ही इसे नए युग की शुरुआत माना गया था, लेकिन अखबार का मानना है कि पुराने साये अभी भी टीम का पीछा कर रहे हैं।
टुट्टोस्पोर्ट ने केवल दो खिलाड़ियों को ही इस हार में थोड़ा श्रेय दिया, जिनमें गोलकीपर जियानलुइगी डोनारुम्मा और विंगर निकोलो कैम्बियाघी शामिल हैं। डोनारुम्मा ने हार के अंतर को कम रखा, जबकि कैम्बियाघी ने कुछ मौके बनाए।
ला स्टाम्पा ने लिखा कि यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं है और टीम का नया चक्र सबसे खराब तरीके से शुरू हुआ है। अखबार ने सैंड्रो टोनाली, निकोलो बारेला, जियानलुका मैनसिनी और जियोवानी डि लोरेंजो जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की कड़ी आलोचना की।
ला रिपब्लिका ने भी माना कि बेल्जियम टीम कहीं बेहतर थी, लेकिन मैनसिनी की टीम से प्रदर्शन की उम्मीदें कहीं ज्यादा थीं। उन्होंने पहले हाफ को “एक पूर्ण आपदा” करार दिया और कहा कि बार-बार की गलतियों के कारण खिलाड़ी “शुरुआती खिलाड़ियों” जैसे नजर आए।
