लीसेस्टर से मैनचेस्टर सिटी पहुंचे जेरेमी मोंगा, 10 मिलियन पाउंड में हुआ करार
जेरेमी मोंगा का लीसेस्टर से 10 मिलियन पाउंड में मैनचेस्टर सिटी जाना भले ही इस गर्मी की सुर्खियों में बहुत ज्यादा न रहा हो, लेकिन इस 17 वर्षीय खिलाड़ी के करियर से बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं। मोंगा प्रीमियर लीग में खेलने वाले तीसरे सबसे युवा खिलाड़ी हैं और अब वे दुनिया के सबसे बड़े क्लबों में से एक में खुद को ढाल रहे हैं, जिसके कोच पूर्व फॉक्स बॉस एन्जो मारेस्का हैं।
सियोल वर्ल्ड कप स्टेडियम में भीषण गर्मी के बीच खेले गए फ्रेंडली मैच में मैनचेस्टर सिटी ने के-लीग इलेवन को 3-1 से हराया। इस मुकाबले में मोंगा बेंच से उतरकर मैदान पर आए। मैच के शुरुआती 23 मिनट के भीतर ही रेयान ऐट-नूरी, तियानी रिइंडर्स और डिविन मुबामा ने गोल दागे।
मैदान पर अपने आधे घंटे के खेल के दौरान मोंगा ने अपनी फुर्ती दिखाई। उन्होंने लगभग एक शानदार शुरुआत की थी, लेकिन हैंडबॉल के कारण उनका एक करीबी शॉट अमान्य करार दिया गया, जबकि एक अन्य कर्लिंग शॉट को गोलकीपर ने रोक लिया।
ऐसा लग रहा था कि मोंगा इस गर्मी में आर्सेनल का रुख करेंगे और माइकल आर्टेटा की टीम इस सौदे के करीब थी, लेकिन सिटी ने बाजी मार ली। मोंगा ने बीबीसी स्पोर्ट को बताया कि आर्सेनल की दिलचस्पी बहुत अधिक थी और वे वहां जाने के काफी करीब थे।
उन्होंने कहा, “मुख्य निर्णय करियर की दिशा और क्लब को लेकर था। सिटी की सफलता को देखते हुए उनके बुलावे को न कहना नामुमकिन था। हर बच्चे का सपना ट्रॉफियां जीतना और शीर्ष स्तर पर बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ खेलना होता है। जब मुझे मौका मिलेगा, तो मुझे खुद को साबित करना होगा। मैं खुद को सिटी के नीले रंग में बेहतर देखता हूं।”
चैंपियनशिप का कठिन सफर
मोंगा ने 7 अप्रैल को न्यूकैसल यूनाइटेड के खिलाफ लीसेस्टर की हार के साथ 15 साल और 271 दिन की उम्र में अपना टॉप-फ्लाइट डेब्यू किया था। उस सीजन के अंत में टीम चैंपियनशिप में रेलिगेट हो गई थी। 2015-16 की प्रीमियर लीग विजेता टीम का पिछला सीजन निराशाजनक रहा, जिसके बाद उन्हें लीग वन में जाना पड़ा।
मोंगा ने पिछले सीजन में 30 मैच खेले। उन्होंने किंग पावर स्टेडियम में बिताए अपने समय को ‘नींव और सीढ़ी’ बताते हुए कहा कि उन्होंने वहां से सकारात्मकता ली है। उन्होंने चैंपियनशिप को एक ‘कठिन लीग’ बताते हुए कहा कि प्रीमियर लीग की तुलना में वहां डिफेंडर कम समय देते हैं और कम सम्मान दिखाते हैं।
इंग्लैंड की अंडर-19 टीम के खिलाड़ी मोंगा ने कहा, “चैंपियनशिप में मुकाबला बेहद सख्त है। वहां खिलाड़ी मेरी उम्र की परवाह किए बिना मुझ पर हावी होने और शारीरिक खेल खेलने की कोशिश करते थे। मैं नकारात्मकताओं को नहीं देखता, मैं उन सभी अवसरों के लिए आभारी हूं जो लीसेस्टर ने मुझे दिए।”
ईडन हेज़ार्ड को अपना आदर्श मानते हैं मोंगा
बचपन से चेल्सी के प्रशंसक रहे मोंगा पूर्व बेल्जियम अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ईडन हेज़ार्ड को अपना आदर्श मानते हैं। कोवेंट्री में जन्मे मोंगा का कहना है कि वे हेज़ार्ड के खेल की नकल करना चाहते हैं।
हेज़ार्ड ने अपने करियर में प्रीमियर लीग और ला लीगा दो-दो बार जीते हैं और 2022 में चैंपियंस लीग भी अपने नाम की है। साथ ही वे 2014-15 में पीएफए प्लेयर्स प्लेयर ऑफ द ईयर और फुटबॉल राइटर्स एसोसिएशन (FWA) फुटबॉलर ऑफ द ईयर भी चुने गए थे।
मोंगा ने बताया, “मैं हेज़ार्ड की आक्रामकता और खेल को अकेले अपने दम पर बदलने की क्षमता का कायल हूं। वे जिस तरह से गेंद को संभालते हैं और उसे अपने विरोधियों से बचाते हैं, मैं अपने खेल में भी वही चीजें शामिल करना चाहता हूं। जब आप उनके गोल देखते हैं, तो वे याद रह जाते हैं।”
अगर मोंगा अपने करियर में हेज़ार्ड की उपलब्धियों का आधा भी हासिल कर लेते हैं, तो यह उनके लिए बड़ी कामयाबी होगी।
