रियल मैड्रिड के सामने नई चुनौतियां: जोस मोरिन्हो को सुलझाने होंगे ये 4 बड़े टैक्टिकल मुद्दे
जोस मोरिन्हो का रियल मैड्रिड के साथ नया सीजन मिला-जुला रहा है। टीम ने कुछ मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है, तो कुछ में उसे निराशा हाथ लगी है। अंतरराष्ट्रीय ब्रेक से ठीक पहले, मैड्रिड डर्बी में टीम को एटलेटिको मैड्रिड के हाथों 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था। ब्रेक के बाद अब टीम को निरंतरता बनाए रखने की जरूरत है।
मोरिन्हो धीरे-धीरे रियल मैड्रिड की मुख्य प्लेइंग इलेवन तय कर रहे हैं, लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण सवाल अनसुलझे हैं। अंतरराष्ट्रीय ब्रेक उन्हें कठिन अक्टूबर के महीने के लिए टीम को तैयार करने और महत्वपूर्ण फैसले लेने का समय दे रहा है।
डायरियो स्पोर्ट के अनुसार, मोरिन्हो को फिलहाल चार बड़े टैक्टिकल मुद्दों को सुलझाना है: राइट-बैक का चयन, सेंटर-बैक की प्राथमिकता, डबल पिवट का संतुलन और अटैक में अर्दा गुलर व यान डायोमांडे को शामिल करने का तरीका।
डमफ्रीज, ट्रेंट और डिफेंसिव पदानुक्रम
राइट-बैक की स्थिति में, डेंज़ेल डमफ्रीज को ट्रेंट अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड पर बढ़त हासिल है। डच खिलाड़ी की शारीरिक क्षमता मोरिन्हो की रणनीति के अनुकूल है। वे टीम को तीव्रता और रक्षात्मक सुरक्षा प्रदान करते हैं। वहीं, अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड हमले में अधिक योगदान देते हैं, लेकिन उनकी रक्षात्मक चूक के कारण उन्हें टीम में बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
इसके अलावा, सेंटर-बैक की जोड़ी को लेकर भी फैसला करना है। वर्तमान में इब्राहिमा कोनाटे और डीन हुइजसेन मोरिन्हो की पहली पसंद लग रहे हैं। हालांकि, एडर मिलिटाओ चोट से उबरकर वापसी के करीब हैं। यदि ब्राजीलियाई खिलाड़ी अपनी पुरानी लय हासिल कर लेते हैं, तो मोरिन्हो के सामने एक और बड़ा निर्णय लेने की चुनौती होगी।
मिडफील्ड में संतुलन की तलाश
मिडफील्ड को लेकर सबसे जटिल सवाल औरेलियन चुआमेनी और फेडे वाल्वर्दे के बारे में है। दोनों खिलाड़ी मिलकर टीम को एथलेटिकिज्म, डिफेंसिव कवरेज और जबरदस्त वर्क रेट देते हैं। हालांकि, उनमें उस रचनात्मकता की कमी है जिसकी मैड्रिड को जरूरत है।
यहाँ बर्नार्डो सिल्वा की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। पुर्तगाली मिडफील्डर वह नियंत्रण और कल्पना प्रदान करते हैं जिसकी कमी मैड्रिड को गहराई में महसूस होती है। इस सीजन में उनकी भागीदारी अभी तक आश्चर्यजनक रूप से सीमित रही है, और मोरिन्हो को ब्रेक के बाद इसे ठीक करने का रास्ता खोजना होगा।
गुलर और डायोमांडे का बढ़ता प्रभाव
चयन से जुड़ी सबसे बड़ी दुविधा फॉरवर्ड लाइन में है। अर्दा गुलर की रचनात्मकता के कारण उन्हें टीम से बाहर रखना मुश्किल होता जा रहा है, जबकि डायोमांडे ने अपनी गति और आक्रामकता दिखाई है जो मैड्रिड के अटैक को बदल सकती है।
इन दोनों खिलाड़ियों को जगह देने का मतलब है कि किसी स्थापित खिलाड़ी, जैसे विनिसियस जूनियर, को बाहर बैठना पड़ सकता है, जो अभी अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं। मोरिन्हो ने सार्वजनिक रूप से ब्राजीलियाई खिलाड़ी का समर्थन किया है और उम्मीद जताई है कि वे जल्द ही वापस लय में आएंगे। हालांकि, बिना अच्छे प्रदर्शन के उन्हें लंबे समय तक मौके देना मुश्किल है।
अक्टूबर का महीना मैड्रिड के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यह कई सवालों के जवाब देगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि मोरिन्हो आने वाले महीनों में इन प्रमुख टैक्टिकल फैसलों को कैसे लागू करते हैं।
