2026 वर्ल्ड कप के प्रेडिक्शन मार्केट में 4 अरब डॉलर का कारोबार, फ्रांस बना सबसे बड़ा दावेदार
पॉलीमार्केट (Polymarket) पर 2026 वर्ल्ड कप के विजेता को लेकर होने वाली ट्रेडिंग का वॉल्यूम 4 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। यह इस प्लेटफॉर्म के इतिहास का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स मार्केट बन गया है।
यह कॉन्ट्रैक्ट जुलाई 2025 में टूर्नामेंट शुरू होने से काफी पहले खोला गया था। फिलहाल, फ्रांस इस दौड़ में सबसे आगे बना हुआ है और जीत का मुख्य दावेदार माना जा रहा है।
वर्ल्ड कप विजेता का मार्केट प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर सबसे अधिक ट्रेड होने वाला टूर्नामेंट कॉन्ट्रैक्ट बन गया है। अकेले पॉलीमार्केट का वॉल्यूम लगभग 3.4 अरब डॉलर है, जबकि कलशी (Kalshi) पर इसी तरह के मार्केट का वॉल्यूम करीब 70 करोड़ डॉलर है, जिससे कुल वॉल्यूम 4.1 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। इस उछाल ने पूरे सेक्टर को गति दी है; कलशी ने हाल ही में अपनी वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर तक पहुंचने के बाद आईपीओ (IPO) लाने पर विचार करने की पुष्टि की है।
ये आंकड़े टूर्नामेंट के दौरान प्रेडिक्शन मार्केट्स में आई तेजी को दर्शाते हैं। ब्रोकरेज बर्नस्टीन (Bernstein) के अनुसार, पॉलीमार्केट और कलशी पर संयुक्त वर्ल्ड कप ट्रेडिंग वॉल्यूम पहले मैच के एक दिन के भीतर ही 2.2 अरब डॉलर से बढ़कर 4.8 अरब डॉलर हो गया। इसने 48 घंटे से भी कम समय में सुपर बाउल की गतिविधियों को पीछे छोड़ दिया। कुछ दिनों में बड़े मैचों के दौरान वॉल्यूम 10 करोड़ डॉलर से ऊपर रहा, उदाहरण के तौर पर एक ट्रेडर ने नीदरलैंड्स के जापान को हराने पर 30 लाख डॉलर से अधिक की दांव लगाए थे।
जहाँ तक ऑड्स (odds) की बात है, शानदार ग्रुप स्टेज और नॉर्वे के खिलाफ 4-1 की जीत के बाद फ्रांस सबसे ऊपर है। इस मैच में उस्मान डेम्बेले ने पहले हाफ के अंदर ही हैट्रिक पूरी की थी। यह मार्केट 19 जुलाई को होने वाले फाइनल के बाद ही सेटल होगा।
