फीफा वर्ल्ड कप के बाद सेनेगल फुटबॉल फेडरेशन ने टीम डॉक्टर को लेकर किया बड़ा खुलासा
फीफा वर्ल्ड कप में अपने सफर के खत्म होने के बाद सेनेगल फुटबॉल फेडरेशन के अधिकारियों को कुछ नई जानकारियां मिली हैं।
सेनेगल ने फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई थी, लेकिन एक बेहद करीबी मुकाबले में कोलंबिया के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
टूर्नामेंट में उतरते समय एएफसीओएन (AFCON) की उपविजेता रही इस टीम को डार्क हॉर्स माना जा रहा था। लेकिन सामने आई नई जानकारी से पता चलता है कि टीम के पास इससे कहीं बड़ी समस्याएं मौजूद थीं।
सेनेगल एफए को पता चला कि उनका टीम डॉक्टर स्पोर्ट्स मेडिसिन एक्सपर्ट नहीं, बल्कि स्त्री रोग विशेषज्ञ है
डकार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए सेनेगल फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष अब्दुलाये फॉल ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि उन्हें हाल ही में पता चला कि टीम का डॉक्टर स्पोर्ट्स मेडिसिन में विशेषज्ञ नहीं है, बल्कि वह पेशे से एक स्त्री रोग विशेषज्ञ (गाइनेकोलॉजिस्ट) है। इस बात के सामने आने के बाद खिलाड़ियों का उन पर से भरोसा उठ गया था।
“दूसरा पहलू यह है कि वास्तव में, हमारे नियमित डॉक्टर के पास हमारे एथलीटों को सहायता देने के लिए आवश्यक शैक्षणिक पृष्ठभूमि नहीं है। यह बात मुझे बहुत देर से पता चली, क्योंकि डॉक्टर प्रशिक्षण से एक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं।”
“मुझे लगता है कि मुझे जो फीडबैक मिला, उसके आधार पर खिलाड़ी उनसे परामर्श लेने के लिए पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे। इसलिए, हमें उन्हें आश्वस्त करने के लिए एक विश्वसनीय विशेषज्ञ खोजने की आवश्यकता थी, क्योंकि स्वास्थ्य सबसे पहले आता है।”
यदि यह स्थिति है, तो इसे सेनेगल एफए की ओर से एक बड़ी चूक के अलावा और कुछ नहीं माना जा सकता, क्योंकि उन्हें अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी चाहिए थी।
सेनेगल एफए की स्थिति अफ्रीकी फुटबॉल के विकास में बड़ी समस्या को दर्शाती है
इस घटना ने न केवल सेनेगल एफए, बल्कि समग्र रूप से अफ्रीकी फुटबॉल की एक बड़ी खामी को उजागर किया है।
सालों से अफ्रीका में फुटबॉल के विकास को लेकर सवाल उठते रहे हैं, खासकर इस बात को देखते हुए कि वहां से कितनी बड़ी प्रतिभाएं निकलकर आई हैं।
इतनी प्रतिभा होने के बावजूद, पिछले एक दशक में अफ्रीका वैश्विक फुटबॉल के मंच पर अपनी बड़ी छाप छोड़ने के लिए संघर्ष कर रहा है।
साल 2022 के फीफा वर्ल्ड कप में मोरक्को का शानदार सफर इतिहास में पहली बार था जब कोई अफ्रीकी देश सेमीफाइनल तक पहुंचा था।
यह सोचना लाजिमी है कि सेनेगल जैसी मेडिकल स्टाफ की समस्या अफ्रीकी फुटबॉल में कोई अकेली घटना नहीं है और इस तरह की खामियों ने वैश्विक स्तर पर उनकी सफलता की कमी में बड़ी भूमिका निभाई है।
