तुर्की में अवैध सट्टेबाजी और मैच-फिक्सिंग का मामला, 17 फुटबॉल क्लब अधिकारी गिरफ्तार
तुर्की के अधिकारियों ने अवैध सट्टेबाजी और मैच-फिक्सिंग की चल रही जांच के तहत 17 फुटबॉल क्लब अधिकारियों को हिरासत में लिया है। इस मामले ने देश के खेल जगत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों और विभिन्न रिपोर्टों ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की है, जो इस घोटाले में एक बड़ा उछाल माना जा रहा है।
अवैध सट्टेबाजी (illegal betting) के खिलाफ इस कार्रवाई में संदिग्धों को इस्तांबुल और नौ अन्य प्रांतों में एक साथ मारे गए छापों के दौरान हिरासत में लिया गया। सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु के अनुसार, 2020 से 2026 तक के कानूनी सट्टेबाजी प्लेटफॉर्मों के डेटा की जांच से पता चला है कि ये अधिकारी अपने आधिकारिक पदों पर रहते हुए भी सट्टेबाजी में शामिल थे।
हिरासत में लिए गए लोगों में इस्तांबुल के शीर्ष क्लबों, गैलाटसराय (Galatasaray) और बेसिकटास (Besiktas) के चार अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, दो अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए हैं।
न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कहा, “हम अवैध सट्टेबाजी, खेलों में हिंसा, मैच-फिक्सिंग और अपराध से अर्जित आय के खिलाफ अपनी लड़ाई पूरी दृढ़ता के साथ जारी रखे हुए हैं। कोई भी संदिग्ध ढांचा, संबंध या कृत्य जो खेल की भावना को कमजोर करता है और फुटबॉल की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा करता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
यह घोटाला सबसे पहले अक्टूबर में तब सामने आया था जब तुर्की फुटबॉल महासंघ ने रेफरी द्वारा व्यापक स्तर पर सट्टेबाजी किए जाने की जांच शुरू की थी। इसके बाद जांच का दायरा बढ़कर खिलाड़ियों और अन्य अधिकारियों तक पहुंच गया। इसमें शीर्ष स्तरीय ‘सुपर लीग’ (Süper Lig) से जुड़े लोग भी शामिल हैं। इसके परिणामस्वरूप, सैकड़ों खिलाड़ियों को महासंघ की अनुशासन समिति के पास भेजा गया और दर्जनों लोगों को आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
दिसंबर में, अभियोजकों ने 46 लोगों की गिरफ्तारी का आदेश दिया था, जिनमें खिलाड़ी, क्लब अध्यक्ष, कमेंटेटर और एक रेफरी शामिल थे। अनादोलु समाचार एजेंसी के मुताबिक, औपचारिक रूप से गिरफ्तार किए गए लोगों में गैलाटसराय के खिलाड़ी मेतेहान बाल्टासी, फेनरबाश के खिलाड़ी मर्ट हकन यंडास और अदाना डेमिरस्पोर के पूर्व अध्यक्ष मुरात संकाक शामिल थे।
मौजूदा जांच का दायरा उन पिछले मैच-फिक्सिंग घोटालों के समान है जिन्होंने वैश्विक स्तर पर फुटबॉल को हिलाकर रख दिया था। यह विवाद तुर्की फुटबॉल के लिए एक बड़ा झटका है, जिसने हाल के वर्षों में पुनरुद्धार देखा था। तुर्की ने 24 वर्षों में पहली बार इस साल की शुरुआत में विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया और पैराग्वे से मिली हार के बाद तुर्की ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया था, लेकिन अपने अंतिम मैच में उन्होंने सह-मेजबान अमेरिका को जरूर हराया था।
बता दें कि तुर्की इटली के साथ मिलकर पुरुषों की 2032 यूरोपीय चैंपियनशिप की मेजबानी करने के लिए भी तैयार है।
