यूएफा नेशंस लीग: इंग्लैंड की शानदार जीत, यूरोप की बड़ी टीमों के बीच जारी है मुकाबला
2026-27 यूएफा नेशंस लीग (UEFA Nations League) के मुकाबले जारी हैं, जहाँ यूरोपीय टीमें अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं।
शनिवार को इंग्लैंड ने अपने अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन में से एक करते हुए क्रोएशिया को 7-0 के बड़े अंतर से हरा दिया।
वहीं, स्पेन ने चेकिया को 3-1 से मात देकर नेशंस लीग में अपनी जीत की लय को बरकरार रखा है।
रविवार को फ्रांस, बेल्जियम, पुर्तगाल और नॉर्वे की टीमें मैदान पर उतरेंगी।
पुर्तगाल ने अब तक दो बार नेशंस लीग का खिताब जीता है, जबकि फ्रांस और स्पेन ने एक-एक बार यह टूर्नामेंट अपने नाम किया है।
भले ही इस टूर्नामेंट को विश्व कप या यूरोपीय चैंपियनशिप जैसी ऐतिहासिक प्रतिष्ठा प्राप्त न हो, लेकिन राष्ट्रीय टीमों के लिए इसका महत्व काफी अधिक है।
प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन क्यों जरूरी है
यूएफा नेशंस लीग केवल एक साधारण दोस्ताना मैच नहीं है जिसे आसानी से भुला दिया जाए।
यह टूर्नामेंट टीमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिताबी जीत हासिल करने का मौका देता है, जिसके साथ बड़ी इनामी राशि भी जुड़ी होती है।
कई लोग इस प्रतियोगिता को महत्वहीन मानते हैं, लेकिन यह उन पुर्तगाली समर्थकों के लिए काफी मायने रखता है जिन्होंने पिछले साल म्यूनिख फुटबॉल एरिना में अपनी टीम को स्पेन के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में जीतते देखा था।
हालांकि टीमें केवल नेशंस लीग के जरिए सीधे तौर पर विश्व कप या यूरो के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकतीं, लेकिन यह प्रमुख टूर्नामेंटों में जगह बनाने का एक वैकल्पिक रास्ता जरूर प्रदान करता है।
जो टीमें क्वालीफाइंग अभियान के माध्यम से यूरो 2028 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाती हैं, उनमें से नेशंस लीग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीमें प्ले-ऑफ में प्रवेश करती हैं और टूर्नामेंट में अंतिम स्थान हासिल करने का प्रयास करती हैं।
स्वीडन 2026 विश्व कप के अपने क्वालीफाइंग ग्रुप में सबसे नीचे रही थी, लेकिन नेशंस लीग के माध्यम से प्ले-ऑफ में जगह बनाकर उसने फाइनल्स तक का सफर तय किया था।
