विश्व कप क्वार्टर फाइनल: स्विट्जरलैंड को रेड कार्ड मिलने के बाद फीफा की रेफरी व्यवस्था पर उठे सवाल
वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड के बीच हुए मुकाबले में वीएआर (VAR) के एक विवादित फैसले ने फुटबॉल प्रशंसकों और समर्थकों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। स्विट्जरलैंड की टीम द्वारा गोल करके मैच बराबरी पर लाने के कुछ ही मिनटों बाद उन्हें रेड कार्ड का सामना करना पड़ा।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा फिर से तेज हो गई है कि टूर्नामेंट में लियोनेल मेसी की टीम अर्जेंटीना को पक्षपातपूर्ण लाभ मिल रहा है। हालांकि, अंततः अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय में 10 खिलाड़ियों वाली स्विस टीम को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
यह विवाद कैनसस सिटी में खेले गए मुकाबले के 72वें मिनट में शुरू हुआ। रेफरी जोआओ पिनेइरो ने पहले अर्जेंटीना के लिएंड्रो पारेडेस को स्विट्जरलैंड के फॉरवर्ड ब्रेल एम्बोलो के खिलाफ फाउल करने पर चेतावनी दी थी। हालांकि, वीएआर समीक्षा के बाद रेफरी ने अपना फैसला बदल दिया और माना कि एम्बोलो ने फाउल का दिखावा किया था।
चूंकि एम्बोलो को मैच के दौरान पहले ही एक चेतावनी मिल चुकी थी, इसलिए यह दूसरा पीला कार्ड उनके लिए रेड कार्ड और मैदान से बाहर होने का कारण बन गया। स्विट्जरलैंड को खेल के बाकी हिस्से में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, जबकि उससे ठीक चार मिनट पहले डैन एनडोये ने एलेक्सिस मैक एलिस्टार के शुरुआती गोल के बाद स्कोर 1-1 से बराबर किया था।
इस फैसले के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने फीफा पर अर्जेंटीना का पक्ष लेने के आरोप लगाए। एक समर्थक ने लिखा, “जैसे ही स्विट्जरलैंड ने अर्जेंटीना के खिलाफ गोल किया, स्विस टीम को रेड कार्ड मिल गया… बिल्कुल भी फिक्स नहीं है।” एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “ऐसे कई फैसले जो पहले 50-50 रहे हैं, उनमें एक टीम के खिलाफ कभी कोई कॉल नहीं जाता, हमेशा विवाद ही होता है।” एक अन्य ने सवाल किया, “अर्जेंटीना में ऐसा क्या खास है?”
एक अतिरिक्त खिलाड़ी होने के बावजूद, अर्जेंटीना की टीम बाकी निर्धारित समय में स्विट्जरलैंड की मजबूत रक्षा पंक्ति को भेदने में संघर्ष करती रही। स्विस टीम ने अतिरिक्त समय तक अपना संयम बनाए रखा, जिसमें गोलकीपर ग्रेगर कोबेल ने कई शानदार बचाव किए, जिसमें इंजरी टाइम में लिसेंड्रो मार्टिनेज के एक शॉट को रोकना भी शामिल था।
मैच का निर्णायक मोड़ 112वें मिनट में आया, जब जूलियन अल्वारेज ने 25 गज की दूरी से एक शानदार गोल कर अर्जेंटीना को बढ़त दिलाई। इस गोल को टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन गोलों में गिना जा रहा है।
इसके बाद लुआतारो मार्टिनेज ने दूसरे हाफ के अतिरिक्त समय के पहले मिनट में एक और गोल कर अर्जेंटीना की 3-1 से जीत पक्की कर दी। इस जीत के साथ अर्जेंटीना बुधवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड से भिड़ेगा। शनिवार के मैच को लेकर उपजा यह असंतोष 7 जुलाई को मिस्र के खिलाफ अर्जेंटीना की राउंड ऑफ 16 की जीत के बाद आए विवादों जैसा ही है।
उस समय रेफरी फ्रेंकोइस लेटेक्सियर के दो विवादित फैसलों पर मिस्र ने फीफा में आधिकारिक विरोध दर्ज कराया था। मिस्र के मैनेजर होसाम हसन ने उस मैच को ‘फिक्स’ करार दिया था, जबकि फॉरवर्ड मोस्टाफा ज़िको ने रेफरी के फैसले को ‘अनुचित’ बताया था।
फीफा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। फीफा के मुख्य रेफरी अधिकारी पिएरलुइगी कोलिना ने मिस्र वाले विवाद पर स्पष्ट किया, “कोई भी यह दावा नहीं कर सकता कि फीफा की रेफरी व्यवस्था किसी के प्रभाव में है।” उन्होंने आगे कहा कि रेफरी ईमानदार फैसले लेते हैं और खिलाड़ियों व कोचों की तरह वे भी अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करते हैं।
इस जीत के साथ अर्जेंटीना अब इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल की तैयारी करेगा, जबकि स्विट्जरलैंड का वर्ल्ड कप अभियान एक ऐसी हार के साथ समाप्त हो गया, जिसे कई लोग उनके बेहतर खेल के बावजूद निराशाजनक मान रहे हैं।
