मैनचेस्टर सिटी के खिलाफ लिवरपूल की 3-0 से हार, रेड कार्ड ने बदला मैच का रुख
एन्फील्ड में लिवरपूल को मैनचेस्टर सिटी के हाथों 3-0 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन स्कोरबोर्ड पूरी कहानी नहीं बताता। एक घंटे से अधिक समय तक यह मुकाबला काफी तनावपूर्ण और बराबरी का रहा, जिसमें घरेलू टीम का पलड़ा थोड़ा भारी दिख रहा था। हालांकि, रयान ग्रेवेनबरच को रेड कार्ड मिलने के बाद मैच की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। इसके बाद मैनचेस्टर सिटी ने एक बेहतरीन टीम की तरह खेल दिखाते हुए मैच पर नियंत्रण बना लिया और जीत हासिल की।
एंडोनी इराओला ने स्थिति को स्पष्ट शब्दों में बयां किया। उन्होंने कहा कि रेड कार्ड से पहले लिवरपूल बेहतर स्थिति में थी, लेकिन उसके बाद टीम दबाव में आ गई। मैनचेस्टर सिटी जैसी मजबूत टीम के खिलाफ एक खिलाड़ी कम होने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। दूसरे हाफ में अर्लिंग हालैंड, जेरेमी डोकू और रेयान चेरकी ने गोल करके सिटी की जीत सुनिश्चित कर दी।
लिवरपूल के लिए रेड कार्ड साबित हुआ टर्निंग पॉइंट
मैच के बाद इराओला ने कहा, “मेरा मानना है कि विश्लेषण बिल्कुल साफ है। हमने दो अलग-अलग मैच खेले—एक रेड कार्ड मिलने से पहले और दूसरा उसके बाद। रेड कार्ड से पहले शुरुआती 62 मिनट तक हम बेहतर टीम थे। लेकिन उसके बाद सिटी ने नियंत्रण बनाया और गोल किए।” इस क्षण तक लिवरपूल में ऊर्जा और दर्शकों का भरपूर समर्थन था, लेकिन रेड कार्ड ने सब कुछ खत्म कर दिया।
इराओला का मानना है कि रेफरी का फैसला गलत था। उन्होंने ग्रेवेनबरच के पहले येलो कार्ड पर सवाल उठाते हुए कहा, “रयान का पहला फाउल कभी भी येलो कार्ड के लायक नहीं था।” उन्होंने तर्क दिया कि रेफरी ने शुरुआत में ही कार्ड दिखाकर मैच को मुश्किल बना दिया था। हालांकि, यह बहस का विषय हो सकता है, लेकिन सच्चाई यह है कि ग्रेवेनबरच के दूसरे फाउल ने लिवरपूल की मुश्किलें बढ़ा दीं और टीम को हार झेलनी पड़ी।
एन्फील्ड का समर्थन भी नहीं दिला सका जीत
इराओला ने अपने खिलाड़ियों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा, “खिलाड़ी तारीफ के हकदार हैं क्योंकि उन्होंने अपना सब कुछ झोंक दिया। साथ ही, समर्थक भी शानदार रहे।” यह सच है कि एन्फील्ड में माहौल काफी गर्म था और लिवरपूल ने लंबे समय तक इसका फायदा भी उठाया। लेकिन जैसे ही टीम 10 खिलाड़ियों पर सिमट गई, तकनीकी और शारीरिक रूप से सिटी का पलड़ा भारी हो गया।
इराओला का यह कहना सही था कि स्टेडियम का माहौल एक बड़ा कारक था। रेड कार्ड मिलने से पहले लिवरपूल अधिक आक्रामक दिख रही थी, लेकिन संख्या कम होने के बाद माहौल टीम की मदद नहीं कर सका। मैनचेस्टर सिटी ने गेंद पर नियंत्रण रखते हुए मैदान के खाली हिस्सों का सही इस्तेमाल किया और मैच जीत लिया।
