मार्सिले में बिताए दिनों को याद कर क्या बोले इंग्लैंड के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस वडल?
पूर्व इंग्लिश स्टार और ओलंपिका डी मार्सिले (Olympique de Marseille) के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस वडल ने हाल ही में ‘गेट फ्रेंच फुटबॉल न्यूज’ के साथ एक विशेष बातचीत में फ्रांस में बिताए अपने समय और मार्सिले क्लब के प्रति आज की उम्मीदों पर चर्चा की।
मार्सिले शहर और क्लब के बारे में बात करते हुए वडल ने कहा कि वहां जाना उनके लिए काफी चौंकाने वाला अनुभव था। उस समय वे टोटेनहम हॉटस्पर में खुश थे, लेकिन क्लब द्वारा ट्रांसफर फीस पर सहमति जताने के बाद उन्हें मार्सिले जाना पड़ा। वडल ने बताया कि उन्हें शुरू में घबराहट हुई थी क्योंकि मार्सिले फुटबॉल के प्रति बेहद जुनूनी शहर के रूप में जाना जाता था। उन्होंने मोनाको में ग्लेन हॉडल से बात की, जिन्होंने उन्हें बताया कि वहां के प्रशंसक फुटबॉल के लिए जीते हैं।
वडल के अनुसार, वहां उनकी सबसे बड़ी समस्या भाषा और भीषण गर्मी थी। उनके आने से पहले ही मार्सिले ने प्री-सीजन शुरू कर दिया था, जबकि वे फिट नहीं थे। क्लब ने उन पर काफी निवेश किया था, इसलिए वे चाहते थे कि वडल पहले मैच से ही खेलें। हालांकि, पूरी तरह फिट न होने के बावजूद उन्होंने ल्योन के खिलाफ 4-0 की जीत में हिस्सा लिया।
वडल का मानना है कि मार्सिले के प्रशंसक दुनिया में सबसे अलग हैं। उनके लिए यह एक ‘फैंटेसी आइलैंड’ जैसा था। उन्होंने कहा, “लोग यह नहीं समझते कि मार्सिले कितना बड़ा क्लब है। यह क्लब हमेशा उतार-चढ़ाव वाला रहा है, कभी बहुत सफल तो कभी बिल्कुल नहीं।” उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान लगातार तीन बार लीग खिताब जीतने का जिक्र किया, हालांकि उन्हें चैंपियंस लीग न जीत पाने का मलाल रहा।
पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) के खिलाफ मार्सिले की चुनौतियों पर वडल ने कहा कि पीएसजी का मुकाबला करना बेहद मुश्किल है क्योंकि वे लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर मार्सिले को पीएसजी से आगे निकलना है, तो उन्हें भारी निवेश की जरूरत होगी, जो फिलहाल संभव नहीं दिखता। वडल ने कहा कि पीएसजी के साथ मार्सिले की प्रतिद्वंद्विता इतिहास और क्षेत्रीय नफरत पर आधारित है, जो किसी भी अन्य इंग्लिश डर्बी से काफी अलग है।
विदेशी लीग में खेलने के महत्व पर वडल ने कहा कि आज के युवा इंग्लिश खिलाड़ियों के लिए विदेश जाना एक सकारात्मक कदम हो सकता है। उन्होंने बताया कि फ्रांस में उन्होंने खेल की एक अलग शैली सीखी, जहां गेंद को संभालने की रणनीति ज्यादा महत्वपूर्ण थी। वडल ने अंत में कहा कि उन्हें विदेश में अपनी खेल शैली को प्रदर्शित करना ब्रिटेन की तुलना में आसान लगा और वे वहां के अनुभव का पूरा आनंद ले सके।
