डच फुटबॉल रेफरी रॉब डाईपरिंक का निधन, वर्ल्ड कप सूची से हटाए जाने के कुछ हफ्ते बाद हुआ हादसा
डच फुटबॉल रेफरी रॉब डाईपरिंक का निधन हो गया है। उनके निधन की यह दुखद घटना यूके में पुलिस जांच के कारण वर्ल्ड कप में रेफरी की भूमिका से हटाए जाने के कुछ हफ़्तों के भीतर सामने आई है।
38 वर्षीय डाईपरिंक को इस गर्मी में होने वाले टूर्नामेंट के लिए वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) के रूप में चुना गया था, लेकिन मई में फीफा ने उन्हें वर्ल्ड कप अधिकारियों की सूची से बाहर कर दिया था।
अप्रैल में लंदन की मेट्रोपोलिटन पुलिस ने एक किशोर लड़के के यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था, लेकिन सबूतों की कमी के कारण इस मामले को बाद में बंद कर दिया गया।
नीदरलैंड्स फुटबॉल एसोसिएशन (KNVB) ने डाईपरिंक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। हालांकि, उनकी मृत्यु का कारण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
KNVB ने अपने बयान में कहा, “रॉब के जाने से हमने एक बेहद मूल्यवान रेफरी को खो दिया है, जो एक दयालु और समर्पित साथी थे। हमारी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और उन सभी के साथ हैं जो उन्हें पसंद करते थे। हम इस कठिन समय में उन्हें शक्ति और समर्थन देने की कामना करते हैं।”
डाईपरिंक 2017 से एरेडिविसी (Eredivisie) में रेफरी की भूमिका निभा रहे थे और वे यूरो 2024 में भी VAR अधिकारी थे।
वर्ल्ड कप से हटाए जाने के बाद, डच अखबार De Telegraaf के साथ एक साक्षात्कार में डाईपरिंक ने कहा था कि उन्हें “गलत तरीके से आरोपी” बनाया गया है।
उन्होंने कहा था, “मुझे इस बात का गहरा दुख है कि मुझ पर गलत आरोप लगाए गए। शुरुआत से ही मैंने पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया और फीफा, यूईएफए (Uefa) तथा केएनवीबी (KNVB) को भी तुरंत पूरी जानकारी दी।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं केएनवीबी से मिले समर्थन और जिस तरह से उन्होंने इस मामले को संभाला, उसके लिए आभारी हूं। यह खेदजनक है कि फीफा ने मुझे वर्ल्ड कप के लिए नियुक्त नहीं करने का फैसला किया, मुझे निश्चित रूप से इसका दुख है।”
गौरतलब है कि डाईपरिंक 9 अप्रैल को क्रिस्टल पैलेस और फियोरेंटीना के बीच हुए यूरोपा कॉन्फ्रेंस लीग क्वार्टर फाइनल के पहले चरण के मुकाबले में VAR थे।
इस मामले पर मेट्रोपोलिटन पुलिस ने एक बयान में कहा, “गुरुवार, 9 अप्रैल को अधिकारियों को क्रॉयडन के वेलेस्ली रोड स्थित एक पते पर एक किशोर लड़के के यौन उत्पीड़न की सूचना मिली थी। इसके बाद 30 साल के एक व्यक्ति को यौन उत्पीड़न के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।”
पुलिस ने आगे कहा, “अधिकारियों ने मामले की गहन जांच पूरी की और सीसीटीवी फुटेज जुटाने तथा डिजिटल उपकरणों की जांच करने सहित सभी उपलब्ध सबूतों का विश्लेषण किया। इन जांचों के बाद, उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि सबूतों का स्तर पर्याप्त नहीं है। इस मामले में अब आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।”
