जर्मनी और नीदरलैंड के मैच में वीएआर (VAR) के फैसले ने बदली बाजी
जर्मनी और नीदरलैंड के बीच हुए फुटबॉल मुकाबले की शुरुआत काफी विवादित रही। मैच के महज 13वें मिनट में नीदरलैंड की टीम ने गोल कर जश्न मनाना शुरू कर दिया था। लिवरपूल के पूर्व कप्तान वर्जिल वैन डिक ने कॉर्नर किक पर हेडर के जरिए गोल दागकर स्कोर 1-0 कर दिया।
हालांकि, मेजबान टीम का यह उत्साह ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। वीएआर (VAR) समीक्षा के बाद रेफरी ने इसे फाउल करार दिया और गोल को खारिज कर दिया। रेफरी का मानना था कि जर्मनी के गोलकीपर मार्क-आंद्रे टेर स्टेगन के खिलाफ फाउल किया गया था।
गोल से ठीक पहले ब्रायन ब्रॉबी ने गोलकीपर के खिलाफ काफी आक्रामक तरीके से चुनौती दी थी। इसी तरह की एक घटना के कारण जर्मनी को पिछले विश्व कप में पराग्वे के खिलाफ गोल का नुकसान उठाना पड़ा था, लेकिन इस बार डीएफबी (DFB) टीम को किस्मत का साथ मिला। मैच की शुरुआत में डच टीम का दबदबा देखने को मिला, जबकि क्लोप की टीम खेल में अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती नजर आई।
