कम्युनिटी शील्ड में आर्सेनल ने मैनचेस्टर सिटी को 3-0 से दी करारी शिकस्त
मैनचेस्टर सिटी द्वारा वेम्बली में काराबाओ कप फाइनल में आर्सेनल को हराए पांच महीने भी नहीं बीते थे, उस प्रदर्शन ने दोनों क्लबों के बीच गुणवत्ता के अंतर को स्पष्ट कर दिया था। उस हार ने सिटी को खिताब की ओर अग्रसर किया, जबकि आर्सेनल के लिए यह एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका था।
उन दिनों यह कल्पना करना कठिन था कि मिकेल आर्टेटा की टीम इतनी बुरी तरह पिछड़ने के बाद कैसे वापसी करेगी। लेकिन कार्डिफ में अगस्त के एक दिन, दोनों टीमें फिर से मिलीं और खेल का परिणाम बिल्कुल अलग रहा। आर्सेनल ने मैनचेस्टर सिटी को 3-0 से हराकर आर्टेटा के नेतृत्व में अपना तीसरा और कुल 18वां कम्युनिटी शील्ड खिताब जीता। इस सूची में वे अब केवल मैनचेस्टर यूनाइटेड (21 खिताब) से पीछे हैं।
हालांकि, काराबाओ कप फाइनल की तरह इस मैच को भी बहुत ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। प्रीमियर लीग शुरू होने से पहले ही आर्सेनल को विजेता घोषित करना जल्दबाजी होगी। यह एक मैत्रीपूर्ण मैच जैसा था, जिसे कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड ने उसी के अनुरूप ट्रॉफी उठाकर स्वीकार किया।
लेकिन मैच के दौरान आर्सेनल के पासिंग गेम, सिटी के खतरनाक खिलाड़ियों को रोकने की क्षमता और नए खिलाड़ियों ब्रूनो गुइमारेस व क्रिस्टोस तज़ोलिस के शानदार प्रदर्शन से यह साफ संकेत मिला कि यह आर्सेनल टीम पिछले सीजन की चैंपियन टीम के समान ही मजबूत है।
रिकार्डो कैलाफियोरी को आर्सेनल का पहला गोल करने में केवल 24 सेकंड लगे, जिसे उन्होंने माइल्स लुईस-स्केली के सटीक पास पर पूरा किया। काई हैवर्ट्ज़ ने तज़ोलिस के हेडर पास पर हेडर के जरिए दूसरा गोल किया। जब मार्टिन ओडेगार्ड ने तीसरा गोल किया, तो मैनचेस्टर सिटी पूरी तरह से बैकफुट पर थी।
दिसंबर 2019 में, आर्टेटा के आर्सेनल मैनेजर बनने से पांच दिन पहले, उन्हें सिटी से 3-0 से हार का सामना करना पड़ा था। उस समय मिकेल आर्टेटा के लिए चुनौती केवल पिच पर कड़ी प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि पेप गार्डियोला के तहत सिटी की निरंतरता को पछाड़ना थी।
सात साल बाद, सिटी के नए मैनेजर एन्ज़ो मारेस्का अब आर्टेटा के सामने एक नई चुनौती के रूप में हैं। आर्टेटा इंग्लिश फुटबॉल में सबसे लंबे समय तक टिके रहने वाले मैनेजर हैं, जो इस अस्थिर प्रीमियर लीग सीजन में स्थिरता का प्रतीक हैं, जहां लिवरपूल, चेल्सी, मैनचेस्टर यूनाइटेड और टोटेनहम जैसे बड़े क्लब नए मैनेजरों के साथ अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं।
मारेस्का के आने के बाद सिटी का नया दौर थोड़ा चुनौतीपूर्ण दिख रहा है। वे अपने मिडफील्ड को फिर से व्यवस्थित कर रहे हैं। टीम अपनी रणनीति में भी बदलाव कर रही है, जहां मारेस्का अपने विंगर्स को चौड़ाई पर रखने पर जोर दे रहे हैं। हालांकि, जेरेमी डोकू और एंटोनी सेमेन्यो जैसे खिलाड़ी आर्सेनल के मजबूत डिफेंस के सामने बेअसर दिखे। जैक ग्रीलिश ने भी 15 महीने बाद वापसी की, लेकिन उन्हें भी संघर्ष करना पड़ा।
मैच के दूसरे छोर पर, आर्सेनल ने सिटी के डिफेंस को बार-बार भेदा। लुईस-स्केली के पास, ओडेगार्ड की चतुराई और नोनी माडुके की क्रॉस ने सिटी को पूरी तरह उलझाए रखा।
आर्सेनल के लिए सबसे सकारात्मक पहलू उनकी बेंच स्ट्रेंथ है। डेक्लान राइस दूसरे हाफ में आए, एबेरेची एज़े ने अंतिम 10 मिनट खेले, जबकि मिकेल मेरिनो और मार्टिन जुबिमेंडी को मौका नहीं मिला। कैलाफियोरी शानदार थे, जबकि उनकी जगह लेने वाले पिएरो हिंकापी ने भी प्रभावित किया।
हालांकि, यह जीत प्रीमियर लीग की शुरुआत में आर्सेनल को कोई अतिरिक्त फायदा नहीं देगी। कम्युनिटी शील्ड जीतने वाली टीमें अक्सर प्रीमियर लीग नहीं जीतती हैं, लेकिन इस जीत ने यह जरूर साबित किया है कि सात साल पहले की उस हार से लेकर आज तक आर्सेनल ने कितना लंबा सफर तय किया है। अब मनोवैज्ञानिक बढ़त आर्सेनल के पास है।
