यान डायमंडे का पीएसजी (PSG) जाना अभी बाकी, ट्रांसफर डील में मुख्य बाधा बरकरार
ट्रांसफर विंडो के दौरान कई खबरें सामने आती हैं, लेकिन डील का फैसला तथ्यों के आधार पर होता है। यान डायमंडे के मामले में स्थिति स्पष्ट है। पत्रकार फैब्रिजियो रोमानो के अनुसार, इस ट्रांसफर की दिशा में प्रगति तो हुई है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। खिलाड़ी और क्लब के बीच की स्थिति अभी भी अधूरी है।
रोमानो ने बताया कि पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) का यान डायमंडे के साथ व्यक्तिगत शर्तों पर मौखिक समझौता हो चुका है, लेकिन उनका आरबी लीपज़िग (RB Leipzig) के साथ अब तक कोई करार नहीं हुआ है। केवल व्यक्तिगत शर्तों का सहमत होना ट्रांसफर पूरा करने के लिए काफी नहीं है। रोमानो ने आर्सेनल और रोजर्स के उदाहरण का हवाला देते हुए चेताया कि यदि कोई क्लब देरी करता है, तो दूसरी टीमें मौके का फायदा उठा सकती हैं।
पीएसजी रेस में सबसे आगे
रोमानो के मुताबिक, पीएसजी अभी भी इस ट्रांसफर की दौड़ में सबसे आगे है। खिलाड़ी पीएसजी के साथ जुड़ने के लिए तैयार है और आरबी लीपज़िग के साथ भी क्लब के संबंध अच्छे हैं। दोनों क्लबों ने अतीत में जावी सिमंस जैसी डील मिलकर की है, जिससे उम्मीदें बनी हुई हैं। हालांकि, डायमंडे के लिए दोनों पक्षों के बीच वित्तीय समझौते का होना अभी भी बाकी है। फिलहाल यही इस ट्रांसफर की सबसे बड़ी बाधा है।
क्लबों के बीच बातचीत निर्णायक
यह स्पष्ट है कि अब पीएसजी को इस सौदे को पूरा करने की जिम्मेदारी उठानी होगी। पिछले तीन-चार हफ्तों से खिलाड़ी के साथ व्यक्तिगत सहमति बनी हुई है, लेकिन क्लब-टू-क्लब डील अभी तक पेंडिंग है। रोमानो के अनुसार, आने वाले कुछ दिन और सप्ताह इस डील के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यदि पीएसजी लीपज़िग के साथ वित्तीय मामलों को जल्द नहीं सुलझाती है, तो वे अन्य क्लबों के लिए रास्ता खोल सकते हैं।
आर्सेनल समेत कई क्लबों की नजर
पीएसजी इस रेस में अकेली नहीं है। रोमानो ने बताया कि कई अन्य क्लब भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जानकारी जुटा रहे हैं। हाल के दिनों में आर्सेनल ने भी इस संबंध में पूछताछ की है। हालांकि अभी पीएसजी का पलड़ा भारी है, लेकिन बाजार में अन्य क्लबों की सक्रियता दबाव पैदा कर रही है।
पीएसजी पर ट्रांसफर मार्केट का दबाव
रोमानो का मानना है कि ट्रांसफर विंडो अब अपने पूरे चरम पर है, जहां क्लबों को तेजी से फैसले लेने होंगे। पीएसजी के पास खिलाड़ी की सहमति है और लीपज़िग के साथ अच्छे संबंध भी हैं। अब उन्हें बस क्लब-टू-क्लब डील को अंतिम रूप देना है।
कुल मिलाकर, यान डायमंडे का पीएसजी जाना अभी चर्चा में तो है, लेकिन आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुआ है। स्थिति साफ है: पीएसजी स्पष्ट रूप से पसंदीदा टीम बनी हुई है, लेकिन जब तक लीपज़िग के साथ समझौता नहीं हो जाता, तब तक यह ट्रांसफर पूरा नहीं माना जाएगा। फिलहाल, पूरी जिम्मेदारी पीएसजी पर है कि वे इस सौदे को कितनी जल्दी क्लोज करते हैं।
