अर्जेंटीना और मेसी के लिए फीफा द्वारा वर्ल्ड कप फिक्स करने की चर्चाएं निराधार
फुटबॉल जगत में इस समय अर्जेंटीना और मेसी के प्रदर्शन को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। लोग यह दावा कर रहे हैं कि फीफा मेसी के आखिरी वर्ल्ड कप को यादगार बनाने के लिए टूर्नामेंट को ‘फिक्स’ कर रहा है। हालांकि, इस तरह के दावों में कोई सच्चाई नहीं है।
लियोनेल मेसी फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ी हैं और अर्जेंटीना की टीम एक पारंपरिक पावरहाउस रही है। फीफा एक विवादास्पद संस्था जरूर है और टूर्नामेंट में कुछ फैसले विवादों में भी रहे हैं, जैसे मिस्र और अर्जेंटीना के बीच राउंड ऑफ 16 के मैच में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) का खराब प्रदर्शन। लेकिन इन घटनाओं को किसी बड़ी साजिश का सबूत मानना तर्कहीन है।
इंटरनेट पर ‘वर्ल्ड कप फिक्स’ होने की थ्योरी काफी लोकप्रिय हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग यह मान बैठे हैं कि मेसी को खिताब जिताने के लिए फीफा पर्दे के पीछे से खेल कर रहा है। स्विट्जरलैंड के खिलाड़ी ब्रेल एम्बोलो का मैच के दौरान फ्लोपिंग (नाटक) करना भी बहस का विषय बना हुआ है। जो लोग यह मानते हैं कि फीफा किसी “अदृश्य हाथ” से खेल को नियंत्रित कर रहा है, वे यह नहीं समझते कि इतने बड़े स्तर पर हजारों लोगों को शामिल करके ऐसी साजिश रचना कितना असंभव है। अगर ऐसा कुछ होता, तो दुनिया भर के खेल पत्रकार अब तक इसका खुलासा कर चुके होते।
यह सच है कि फीफा भी यही चाहेगा कि मेसी का आखिरी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट शानदार हो, क्योंकि इससे उन्हें करोड़ों की कमाई होती है। लेकिन मिस्र के खिलाफ हुई तकनीकी चूक या रेफरी के फैसलों को एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताना पूरी तरह से गलत है। VAR की खामियों ने केवल अर्जेंटीना ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड जैसी कई टीमों को भी प्रभावित किया है। इंग्लैंड की टीम एक गोल की समीक्षा न होने के कारण सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो सकती थी, जिसे महज एक संयोग ही माना जाएगा।
अर्जेंटीना के लगातार आगे बढ़ने से बहुत से प्रशंसक नाखुश हैं, क्योंकि खेल में लोग अक्सर मौजूदा चैंपियन के दोबारा जीतने या उनके प्रशंसकों के व्यवहार को पसंद नहीं करते। लेकिन ये केवल प्रशंसकों की भावनाएं हैं, न कि कोई ठोस सच्चाई। अर्जेंटीना की टीम अपनी मेहनत के दम पर सेमीफाइनल तक पहुंची है।
खेल के परिणामों को एक परिपक्व व्यक्ति की तरह स्वीकार करना चाहिए। बिना किसी सबूत के निराधार साजिशों को जन्म देने से बेहतर है कि लोग अपनी खेल भावना बनाए रखें।
